मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला,4 ज़िलों की 17 जगहों के बदले नाम,CM की घोषणा का भाजपा ने किया स्वागत

उत्तराखंड में सरकार ने 4 जिलों में 15 स्थानों के बदले

उत्तराखंड
देश में औरंगजेब पर छिड़ी सियासत के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के चार प्रमुख जिलों हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में विभिन्न स्थानों के नाम बदले जानें की घोषणा की है.मुख्यमंत्री ने इस निर्णय को जनभावना, भारतीय संस्कृति और विरासत के अनुरूप बताया, जिससे लोग महापुरुषों से प्रेरणा ले सकें और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में योगदान दे सकें.
हरिद्वार में इन जगहों के बदले गए नाम

हरिद्वार जिले में कई स्थानों के नाम बदले गए हैं.भगवानपुर ब्लॉक में औरंगजेबपुर का नाम बदलकर शिवाजी नगर किया गया है. बहादराबाद ब्लॉक में गाजीवाली का नाम अब आर्य नगर और चांदपुर का नाम ज्योतिबा फुले नगर किया गया है. इसके अलावा, नारसन ब्लॉक में मोहमदपुर जट का नाम अब मोहनपुर जट और खानपुर कुर्सली का नाम अंबेडकर नगर रखा गया है. खानपुर ब्लॉक में इदरीशपुर का नाम नंदपुर और खानपुर का नाम श्री कृष्णपुर कर दिया गया है.रुड़की ब्लॉक में अकबरपुर फाजलपुर का नाम बदलकर विजयनगर रखा गया है.

देहरादून में इन जगहों के बदले गए नाम

देहरादून जिले में भी कई स्थानों के नाम बदले गए हैं.देहरादून नगर निगम क्षेत्र में मियांवाला का नाम अब रामजीवाला किया गया है. विकासनगर ब्लॉक में पीरवाला का नाम केसरी नगर कर दिया गया है, जबकि चांदपुर खुर्द का नाम अब पृथ्वीराज नगर किया गया है. सहसपुर ब्लॉक में अब्दुल्लापुर का नाम बदलकर दक्ष नगर रखा गया है.

नैनीताल में इन जगहों के बदले गए नाम 

नैनीताल जिले में नवाबी रोड का नाम अटल मार्ग और पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोलवलकर मार्ग कर दिया गया है.

उधम सिंह नगर में इन जगह का बदला गया नाम

उधम सिंह नगर जिले के नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी रखा गया है.

मुग़लकालीन नाम बदले जानें का भाजपा ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखंड के चार ज़िलों में मुगलकालीन नामों वाली जगहों का नाम बदलकर उनके स्थान पर नए नाम रखें जानें का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है.भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देतें हुए बताया कि मुगलों ने हिन्दुस्तान में बहुत अत्याचार किए,हिन्दुओं के मंदिरों कों तोडा गया,उनका क़त्लेआम किया गया,उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया,यहां की अकूत धन सम्पदा कों लूटा गया,उनके शासन के दौरान जितने अत्याचार हो सकतें थे उन्होंने वह सब किया.लिहाजा आज़ाद भारत का ज़ब अमृतकाल चल रहा हो और उस दौरान देवभूमि उत्तराखंड से मुगलों का नामों निशा मिटाया जा रहा हो,वह स्वागत योग्य कदम है.हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस पहल का पूरे उत्तराखंड ने स्वागत किया है और जल्द पूरे उत्तराखंड में सनातन संस्कृति से जुड़े नामों के अनुकूल दूसरे शहरों में भी इस मुहिम कों आगे बढ़ाया जाएगा.