दिल्ली के भरोसे उत्तराखंड का फैसला,BJP हाईकमान पर टिकी नजरें,भाजपा नेताओं की बढ़ी धड़कने

उत्तराखंड

उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों सरकार से लेकर संगठन तक बदलाव की चर्चाएं तेजी के साथ चल रही हैं. जिसके कारण प्रदेश की राजनीति में हचचल बढ़ गई है. धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं तेज हुई. उसके बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर भी खबरें आ रही हैं. इन दोनों ही फैसलों पर प्रदेश भर की नजरें दिल्ली पर टिकी हुई हैं. वहीं, दिल्ली में बीजेपी हाईकमान भी इस पर मंथन कर रहा है.बता दें पहले धामी सरकार केबिनेट विस्तार की खबरें आई. जिसके लिए सीएम धामी ने दिल्ली दौड़ लगाई. सीएम धामी के साथ ही प्रदेश के कई विधायकों को भी दिल्ली बुलाया गया. इसमें आशा नौटियाल, हरिद्वार जिले की रानीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक आदेश चौहान दिल्ली पहुंचे. इन दोनों नेताओं ने दिल्ली में बीजेपी प्रदेश प्रभारी दुष्यत गौतम से मुलाकात की. इसके अलावा रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, धनौल्टी विधायक प्रीतम पंवार, राजपुर रोड विधायक खजान दास, गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय, रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा सहित कई विधायक भी दिल्ली पहुंचे.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में पांच पद हैं खाली

इस समय धामी कैबिनेट में कुल पांच पद खाली हैं. उत्तराखंड कैबिनेट में कुल 12 मंत्री हो सकते हैं. सीएम धामी के पास अकेले 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण विभाग हैं. कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच कुछ मंत्रियों के हटने की भी संभावनाएं हैं.प्रदेश अध्यक्ष पर भी होना है फैसला: उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार से पहले प्रदेश अध्यक्ष भी बदला जा सकता है. इसे लेकर भी दिल्ली में बीजेपी मंथन कर रही है. उत्तराखंड बीजेपी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राज्यसभा सांसद हैं. उनकी नई जिम्मेदारी के बाद से ही बीजेपी में नये प्रदेश अध्यक्ष की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी. अब एक बार फिर से प्रदेश अधयक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इस कड़ी में भी कई नाम सामने आ रहें हैं, मगर आखरी फैसला दिल्ली में हाईकमान को ही लेना है.