टी.एन. शर्मा की रिपोर्ट
क्या एक साथ बह रहे हैं मल और जल
Prayagraj,up: शहर के रामघाट पर गंगा में मरी
हुई मछलियां पाई गई हैं। इसको लेकर वरिष्ट पार्षद कमलेश सिंह ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लेकर मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सात-आठ मछलियां पानी में मरी मिली हैं तो इसका मतलब है कि जल में बायोलोजिकल आक्सीजन डिमांड की कमी हुई है। इसकी जांच कराई जाए. इससे साफ है कि मल और जल साथ बह रहे हैं। नदी के किनारे जल में भी कालीफार् मबैक्टीरिया की अधिक मात्रा पाई जा रही है. साथ ही राजापुर एसटीपी और सलोरी एसटीपी से निकला पानी जहां नदी में मिल रहा है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए।
करोड़ों खर्च फिर भी दुर्दशा बरकरार
कमलेश सिंह का कहना है कि गंगा सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किया जा रहा है लेकिन नदियों की दुर्दशा बनी हुई है. पेयजल के पानी की रासायनिक जांच जरूरी है. क्रोमियम नाइट्रेट, आर्सेनिक और शीशा की जांच की जानी चाहिए. इसकी वजह से लोग लीवर और कैंसर जैसी घातक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि 100 वर्ष से अधिक हमारा वाटर वर्क हो गया है जिसमें 98 साल पुरानी पाइप लाइनें पड़ी हैं. पाइप लाइन लीकेज।

नालों और हौज सफाई की मांग
उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे एक अन्य पत्र में बारिश से पहले बाढ़ पम्पिंग स्टेशन और सीवरेज पम्पिंग स्टेशन की ओवर हालिंग कराए जाने की मांग की है.साथ ही मोरी गेट,चाचर नाला,बक्सी बांध पम्पिंग स्टेशन के अंदर नालों व हौज की सफाई की मांग की है। अलोपी बाग सीवरेज पम्पिंग स्टेशन के गले हुए पाइप को बदलवाने की मांग भी की।
गंगा नदी में बह रहा गन्दे नालों का पानी
वही जानकारी देते हुए हाईकोर्ट के अधिवक्ता अतुल कुमार पाण्डेय ने बताया कि मै गंगा जी के किनारे जा कर देखा कि मेहदोरी राजापुर में स्थित एसटीपी ठीक से कम नही कर रहा है। कई नाले सीधे गंगा जी मे जा रहे है। वही पाण्डेय ने बताया कि अधिकारियों से कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी कोई कारवाई नही हुई।

आज मैने खुद जाकर देखा तो मन दुःखी हो गया। सरकार नमामि गंगे के तहत नदी को साफ करने के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर रही हैं लेकिन अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। सिविल लाइन और नीवा से सीधे नाले का पानी और मेहदोरी के नाले का पानी रसूलाबाद में सीधे गंगा नदी में जा रहा है। इस पर रोक लगना जरूरी है। इस पर संविधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी जानी चाहिए।
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