मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी युवक पर पेशाब करने वाले आरोपी को पुलिस ने मंगलवार देर रात हिरासत में ले लिया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.सीधी पेशाब कांड में बीजेपी नेता नाम आने के बाद पार्टी बैकफुट पर है. नेताओं की एक फौज केवल सफाई पेश करने में लगी हुई है कि पेशाब कांड के आरोपी प्रवेश शुक्ला से उनका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन अब जो जानकारी निकलकर सामने आ रही है वो तो और भी चौंकाने वाली है. प्रवेश शुक्ला सीधी जिले में बीजेपी युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष है. विधायक केदारनाथ ने विंध्य क्षेत्र में उसे अपना प्रतिनिधि बनाया हुआ था.
बता दें कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले के वायरल वीडियो ने तूल पकड़ लिया है. वायरल वीडियो में आदिवासी मजदूर दशमत रावत (30) पर प्रवेश शुक्ला नाम का युवक पेशाब करता दिखाई दे रहा है. हालांकि प्रवेश शुक्ला को पुलिस ने मंगलवार देर रात करीब दो बेज गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस पेशाब कांड से शिवराज सरकार और बीजेपी बैकफुट पर है. आनन-फानन में शिवराज सिंह चौहान को आरोपी पर एनएसए तक लगाने की बात कहनी पड़ गई.
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि आदिवासी मजदूर दशमत रावत पर पेशाब करने वाला आरोपी प्रवेश शुक्ला बीजेपी का कार्यकर्ता है. वह बीजेपी विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि है. कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए पंडित केदारनाथ ने कहा कि प्रवेश शुक्ला से उनका कोई लेना-देना नहीं है. न ही वह बीजेपी का कार्यकर्ता है और न ही उनका प्रतिनिधि है. हालांकि कुछ वीडियो और फोटो सामने आए हैं, जो विधायक के दावे को खारिज कर रहे हैं.
विधायक ने प्रवेश शुक्ला को विंध्य मंडल का प्रतिनिधि बनाया था
जानकारी के अनुसार, विधायक पंडित केदरनाथ शुक्ला द्वारा पूर्व में प्रवेश शुक्ला को विंध्य मंडल में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था. पेशाब कांड के वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भी बीजेपी से प्रवेश शुक्ला के संबंध और पंडित केदारनाथ शुक्ला का करीबी होने के प्रमाण खूब वायरल हो रहे हैं. हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि आरोपी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. चाहे वह जिस पार्टी का हो. उन्होंने आरोपी पर एनएसए लगाने का आदेश दिए हैं.
पूर्व CM कमलनाथ ने ट्वीट कर साधा निशाना
वहीं इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भी ट्वीट कर कहा है कि, “सभ्य समाज में ऐसी क्रूरता पूर्वक हरकत बर्दाश्त के बाहर है.” उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा. बताया जा रहा है कि पीड़ित आदिवासी मजदूर दशमत रावत और प्रवेश शुक्ला दोनों ही कुबरी क्षेत्र के रहने वाले हैं. वायरल हो रहा वीडियो करीब नौ दिन पुराना बताया जा रहा है.
पुलिस ने आरोपी पर SC/ST एक्ट में दर्ज की फिर
जब वीडियो वायरल हुआ तब प्रवेश शुक्ला द्वारा पीड़ित से स्टांप पेपर पर लिखवाया गया कि यह वीडियो फर्जी है और मैं भविष्य में प्रवेश शुक्ला पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहता. दरअसल, पीड़ित मानसिक रूप से विक्षिप्त है और सही तरीके से बात भी नहीं कर पा रहा है. ऐसे में जबरदस्ती उससे स्टांप पेपर पर लिखवाकर अंगूठा लगवा लिया गया है. पुलिस ने प्रवेश शुक्ला के खिलाफ बहरी थाने में धारा 294, 504 IPC3 (1) (R) (s) SC/ST एक्ट में मामला दर्ज किया है.





