खुद के बड़बोले चक्रव्यू में फंसे हरक सिंह रावत, बेटे पर लटक रहीं गिरफ़्तारी की तलवार

उत्तराखंड में टाइगर सफारी के नाम पर कालागढ़ टाइगर रिजर्व के मोर घट्टी और पाखरों में हजारों पेड़ों के अवैध पातन, अवैध निर्माण के साथ ही करोड़ों रु की वित्तीय अनियमिता के मामलें में विजिलेंस नें तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह रावत पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया हैँ. विजिलेंस ने कोर्ट के निर्देशों के क्रम में पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के बेटे तुषार रावत के मेडिकल कॉलेज और पेट्रोल पम्प पर बुधवार को छापेमारी की. इस छापेमारी के दौरान पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के पुत्र के प्रतिष्ठानों सें करोड़ों की लागत वालें दो सरकारी जनरेटर बरामद किए गए.वन विभाग के बजट सें खरीदें गए इन दोनों जनरेटरों के बारे में विजिलेंस जल्द हरक सिंह रावत के बेटे और कॉलेज के मालिक तुषित से भी पूछताछ कर सकती है.इस मामले में विजिलेंस के निदेशक वी मुरुगेशन की मानें तो हल्द्वानी विंग की तरफ से कुछ समय पहलें एक FIR दर्ज की गई थी. इसके बाद इसकी जांच की जा रही है. फिलहाल दो जनरेटर बरामद किए गए हैं.

करोड़ों के सरकारी जनरेटर हरक सिंह रावत सें जुड़े प्रतिष्ठानों में थे घरघरा रहें

बुधवार की दोपहर जब विजिलेंस की टीम ने शंकरपुर स्थित मेडिकल संस्थान और लालतप्पड़ स्थित पेट्रोल पम्प पर छापा मारा तों यहां लगें जनरेटरों की कहानी भी खुलकर सामने आ गई.दरअसल,भाजपा शासनकाल में टाइगर सफारी के नाम पर कालागढ़ टाइगर रिजर्व के लिए यह जनरेटर ख़रीदे गए थे और उस समय हरक सिंह रावत वन मंत्री थे.इस बाबत, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत का कहना था कि जब उन्होंने यमुना कालोनी स्थित सरकारी आवास छोड़ा तो राज्य सम्पत्ति विभाग अपना सामान ले गया. लेकिन वन विभाग के अधिकारी इन जनरेटरों को नहीं ले गए. हालांकि, इस जेनसेट की वापसी के लिए सम्बंधित विभाग को पत्र भी लिखा गया था लेकिन इस बीच तत्कालीन डीएफओ किशन चंद जेल चले गए,और जेनसेट की वापसी की प्रक्रिया थम गई.

विजिलेंस नें वन विभाग के जेनसेट अपने कब्जे में लिए 

बधवार को विजिलेंस टीम ने जनरेटर की खरीद फरोख्त से जुड़े कागजों की पड़ताल की. इस दौरान हरक सिंह भी मौजूद रहे. जाँच में पता चला कि जों जेनसेट पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत सें जुड़े प्रतिष्ठानों में घरघरा रहें हैँ वह जेनसेट वन विभाग के बजट सें ख़रीदें गए हैँ, सरकारी धन सें ख़रीदे गए इन दोनों जेनसेट को बाद में  विजिलेंस नें अपने कब्जें में लें लिया.

हरक सिंह रावत के ठिकानों पर विजिलेंस की जांच मामले में कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने तीखे शब्दों में इसकी निंदा की है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के इशारे पर विजिलेंस ने हरक सिंह रावत और उनके बेटे के संस्थानों पर छापेमारी की है. उन्होंने कहा एक तरफ भाजपा से जुड़े व्यवसाईयों और नेताओं के भ्रष्टाचार को केंद्र सरकार संरक्षण देती आ रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा हरक सिंह रावत जब भाजपा में थे तब उन पर कोई आरोप नहीं था, लेकिन बीजेपी छोड़ते ही वह केंद्र और राज्य सरकार की आंखों की किरकिरी बन गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दुर्भावना से ग्रसित होकर काम कर रही है.

हरक सिंह रावत का बड़बोलापन बन सकता हैँ उनकी गिरफ़्तारी का कारण

2 दिन पूर्व हरक सिंह रावत ने एक न्यूज चैनल में इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को नकारा मुख्यमंत्री बताया था और कहा था की सबसे बेकार मुख्यमंत्री की अगर लिस्ट बनाई जाए तो उसमें सबसे बेकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हैं. दो दिन पहले दिया इंटरव्यू अब हरक सिंह रावत के लिए मुसीबत का सबक बनता जा रहा है, फिलहाल इस मामले में विजलेंस जांच कर रही है. हरक सिंह रावत हरिद्वार से चुनाव लडना चाहते हैं और बीजेपी के कई नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने के दावे कर रहें थे. ऐसे में अब इस छापेमारी को राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है.