उत्तर प्रदेश
अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी पदोन्नत होंने के बाद पुलिस उप-महानिरीक्षक(DIG )बन गए है.शनिवार कों उत्तर प्रदेश में 40 आईपीएस अधिकारी डीआईजी पद पर पदोन्नत हुए है.जिसमें उत्तराखंड के जनपद पौड़ी निवासी 2010 बैच के IPS अधिकारी कलानिधि नैथानी भी शामिल है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी कहें जानें वाले कलानिधि नैथानी अपनी बेहतर कार्यशैली के कारण उत्तर प्रदेश पुलिस महकमें की शान कहें जाते है. हर जरूरतमंद को न्याय दिलाना और पुलिस व जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी हमेशा पहली प्राथमिकता रहीं है.उत्तरप्रदेश के उन चुनिंदा आईपीएस अधिकारियों में क़लानिधि भी शामिल है जों कानून के दायरे में रहकर अपराध को नियंत्रित करतें है.उत्तराखंड के पौड़ी जनपद से ताल्लुक रखने वाले कलानिधि नैथानी का पुलिस सर्विस के प्रति बचपन से ही रूझान रहा था .एक शिक्षित परिवार में जन्मे कलानिधि नैथानी की माताजी श्रीमती कुसुम नैथानी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रिंसिपल रही हैं जबकि पिताजी उमेश चंद्र नैथानी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत हुए है.कलानिधि नैथानी की प्रारंभिक शिक्षा पौड़ी में हुईं और इंटरमीडिएट उन्होंने आर्मी स्कूल मथुरा से किया. इसके बाद पंतनगर से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन में बीटेक किया और पुलिस प्रबंधन में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से मास्टर्स डिग्री इन पुलिस मैनेजमेंट किया. भाभा एटॉमिक अनुसंधान केंद्र में बतौर वैज्ञानिक भारत सरकार के सी-डॉट (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) बंगलुरु एवं दिल्ली में 5 साल तक अनुसंधान इंजीनियर भी रहे. लेकिन बचपन से ही भारतीय पुलिस सेवा में जानें का सपना देखने वाले कलानिधि नैथानी का 2010 में सपना साकार हों गया और वों भारतीय पुलिस सेवा में सलेक्ट हों गए.कलानिधि नैथानी की पत्नी पत्नी दीप्ति भी एक आईआरएस अधिकारी है.
जिस जिले में नैथानी रहें तैनात वहाँ छोड़ी अपनी अमिट छाप
2010 बैच के आईपीएस अधिकारी कलानिधि नैथानी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर गाजियाबाद और अलीगढ़ में एसएसपी के पद पर तैनात रह चुके है.इससे पहले वह बरेली जनपद की कमान भी संभाल चुके हैं.हर जिले में अपनी एक अलग छाप छोड़ना उनके स्वभाव व कार्य प्रणाली में शामिल रहा है.कलानिधि नैथानी पीलीभीत में भी एसपी के पद पर तैनात रह चुके है.बतौर पुलिस कप्तान कलानिधि नैथानी ने राजधानी लखनऊ में कई नेशनल और इंटरनेशन इवेंट्स सफलता पूर्वक संपन्न करवाए और पहली बार ऐसा हुआ कि किसी पुलिस अधिकारी के 2 साल के कार्यकाल के दौरान लखनऊ में मोहर्रम का जुलूस बिना किसी भी कानून व्यवस्था के प्रभावित हुए और बिना किसी शिकायत अथवा मुकदमे के संपन्न हुआ. गाजियाबाद ज़िलें में 1 साल से अधिक एसएसपी की कमान सँभालने वाले कलानिधि नैथानी नें दिल्ली दंगों के दौरान गाजियाबाद को दंगों की आग से बचाए रखा. कोरोना काल के दौरान ज़ब भारी संख्या में प्रवासी मजदूर गाज़ियाबाद जनपद से गुजरे तो तब भी बहुत ही मानवीय तरीके से उन्होंने स्थिति को संभालें रखा. इतना ही नहीं किसान आंदोलन के दौरान भी जिस तरह उन्होंने कानून व्यवस्था कों बनाए रखा उसकी हर किसी नें तारीफ की.
पूर्व में एसएसपी लखनऊ, एसएसपी बरेली, एसपी पीलीभीत , एसपी कन्नौज, एसपी फतेहपुर, एसपी मीरजापुर, कमांडेंट 38 पीएसी अलीगढ़,कमांडेंट 9 पीएसी मुरादाबाद,पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय, एएसपी कुंभ मेला, एएसपी सहारनपुर रहे है.फिलहाल 2010 बैच के आईपीएस कलानिधि नैथानी अलीगढ़ में तैनात है और अब DIG बन गए है. कड़क अनुशासन, क्राइम कंट्रोल,कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही जनसुनवाई कों अपनी प्राथमिक ड्यूटी का हिस्सा सर्विस का हिस्सा माननें वाले आईपीएस अधिकारी कलानिधि नैथानी की पीठ कई बार खुद सीएम योगी आदित्यनाथ थपथपा चुके है हैं.सीएम पोर्टल पर क़ानून व्यवस्था से सम्बंधित अलीगढ़ की शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने पर अलीगढ़ कों कलानिधि नैथानी सबसे अब्बल ज़िलें का ख़िताब दिला चुके है.





