अंकिता भंडारी मुद्दे पर ज्योति रौतेला की मांग से यूकेडी के अंदर मची खलबली

गढ़वाल लोकसभा सीट पर भाजपा कांग्रेस, यूकेडी और बसपा सहित 13 प्रत्याशियों नें अपना नामांकन कराया है और जाँच में यह सभी नामांकन सही पाए गए है. उधर दूसरी ओर उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की लड़ाई लड़ने वाले पत्रकार आशुतोष नेगी भी इस बार यूकेडी के टिकट पर चुनावी मैदान में है. लेकिन आशुतोष नेगी से महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला नें कांग्रेस के पक्ष में अपना नाम वापस लेने की मांग की है. ज्योति रौतेला नें कहा कि क्योँकि अंकिता भंडारी कों न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी लगातार संघर्ष कर रहीं है लिहाजा आशुतोष नेगी कों इस लड़ाई कों और मजबूत करने के लिए कांग्रेस के समर्थन में अपना नाम वापस लें लेना चाहिए.गौरतलब है कि उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों कों कड़ी सजा दिलाने और वीआईपी का नाम उजागर करने के लिए पत्रकार आशुतोष नेगी लगातार अपनी आवाज़ बुलंद करते आए है, जबकि इसी मामलें में कांग्रेस भी लगातार सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष कर चुकी है. लेकिन कांग्रेस कों डर है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुद्दे पर गढ़वाल लोकसभा सीट पर जनता का मत यूकेडी और कांग्रेस में विभाजित हों सकता है जिसका सीधे तौर पर भाजपा कों फायदा पहुंच सकता है, लिहाजा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला नें गढ़वाल लोकसभा सीट पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ने के लिए यूकेडी प्रत्याशी आशुतोष नेगी से भी समर्थन माँगा है. ज्योति रौतेला नें मीडिया कों दिए अपने एक बयान में कहा कि यदि वास्तव में आशुतोष नेगी अंकिता भंडारी की लड़ाई मजबूती के साथ मिलकर लड़ना चाहते है तों उन्हें अपना चुनाव लड़ने से नाम वापस लें लेना चाहिए.हालांकि यूकेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहें आशुतोष नेगी की इस मामले पर अभी तक क़ोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन जिस तरह महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला नें यूकेडी प्रत्याशी से मांग की है उससे यूकेडी के अंदर खलबली मची हुईं है.

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