अनुकृति गुसाईं के भाजपा में शामिल होंने से बदलेंगे लैंसडाउन विधानसभा के सियासी समीकरण

चमकदमक भरी जिंदगी छोड़कर सियासी रैप में नजर आने वाली पूर्व मिस इण्डिया अनुकृति गुसाईं कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हों गई है. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में लैंसडाउन विधानसभा से चुनाव लड़ी अनुकृति गुसाईं के भाजपा में शामिल होंने के बाद स्थानीय कुछ भाजपाईयो में आक्रोश भी देखने कों मिल रहा है जबकि कुछ भाजपाई इसका स्वागत भी कर रहें है. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी महंत दलीप रावत के हाथों 9868 मतों से करारी हार का सामना करने वाली अनुकृति गुसाईं अपने ससुर और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के साथ ईडी की जाँच का सामना कर रहीं है.लोकसभा चुनावों से पहलें भाजपा में शामिल हुए बिना भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के पक्ष में एक वीडियो ज़ारी कर उनके पक्ष में मतदान करने की अपील करने वाली अनुकृति गुसाईं किसकी सिफारिश पर भाजपा में शामिल हुईं यह भले हीं सर्वविदित हों लेकिन आने वाले वाले दिनों में भाजपा के अंदर उनकी राहें इतनी आसान नहीं होंगी. खुद लैंसडाउन विधानसभा से तीसरी बार जीत कर आए महंत दलीप रावत सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इशारों हीं इशारों में जता भी चुके है कि राम तेरी गंगा मैली हों गई पापियों के पाप धोते धोते.हालांकि पापी कौन है और गंगा कों मैली किसने किया यह भाजपा विधायक दलीप रावत नें साफ नहीं किया है लेकिन इसके कई तरह के राजनीतिक गलियारों में मायने निकाले जा रहें है. अनुकृति गुसाईं के भाजपा में शामिल होंने के बाद किसको सबसे अधिक अपना राजनीतिक सिहांसन हिलता हुआ दिख रहा है वह महंत दलीप रावत हीं है.

लैंसडाउन विधानसभा में एक छत्र राज करतें रहें है विधायक महंत दलीप रावत

दरअसल लैंसडाउन विधानसभा से लगातार तीसरी बार जीतने वाले भाजपा विधायक महंत दलीप रावत का लैंसडाउन विधानसभा में भाजपा नेता के रूप में कद देखें तों क़ोई भी उनके समकझ दूर-दूर तक नजर नहीं आताहै,और इसी बात का फायदा उन्हें चुनावों के दौरान प्रत्याशी चयन के दौरान मिलता भी रहा है. क्योंकि भाजपा के पास महंत दलीप रावत के आलावा क़ोई दूसरा ऐसा मजबूत चेहरा बिगत इन 12-14 सालों में लैंसडाउन विधानसभा में नहीं रहा जिस पर चुनावों के दौरान दांव लगाया जा सकें.लेकिन भाजपा में शामिल हुईं अनुकृति गुसाईं के रूप में उन भाजपाईयों में एक छोटी सी आस जगी है जो पिछले कुछ समय से नाराज चल रहें थे.हालांकि सियासी गालियारों की राजनीति की पिच पर चौके और छक्के लगाने में माहिर विधायक महंत दलीप रावत से पार पाना आसान नहीं है,क्योंकि अपने परिवार की परम्परागत सीट पर उनकी जड़े लैंसडाउन विधानसभा में इतनी मजबूत है कि इन जड़ों कों उखाड़ पाना पूर्व मिस इण्डिया के लिए इतना आसान काम नहीं होगा.

ED की जाँच करेगी भाजपा में अनुकृति गुसाईं का राजनीतिक भविष्य तय

उधर दूसरी ओर विधायक महंत दलीप रावत कों यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भाजपा के जिन बड़े नेताओं की सहमति के बाद अनुकृति गुसाईं की पार्टी में सेफ लैडिंग कराई गई क्या आने वाले दिनों में वह उनके साथ खड़े होंगे या फिर 2027 के लिए वह अनुकृति गुसाईं के लिए मैदान तैयार करने की रणनीति पर काम करेंगे. कुल मिलाकर यदि देखा जाए तों ED की जाँच का सामना कर रहीं अनुकृति गुसाईं का भाजपा में भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि ED की जाँच में यदि वह पाक साफ बच गई तों वह लैंसडाउन विधानसभा में भाजपा का दूसरा चेहरा बन सकती है, लेकिन यदि जाँच में दोषी पाई जाती है तों फिर पार्टी हीं खुद उनसे किनारा कर सकती है, जिसके संकेत खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट दें चुके है.

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