कोटद्वार नगर निगम चुनाव : मेयर पद के लिए यह हैँ संभावित दावेदार

उत्तराखंड में लोकसभा चुनावों के नतीजे घोषित होंने के तुरंत बाद प्रदेश में निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होंने जा रहीं हैँ. बात यदि कोटद्वार नगर निगम की हों तों यहाँ भी निकाय चुनाव की सरगर्मीयाँ तेज होंने लगी हैँ.राज्य गठन के बाद वर्ष 2018 में अस्तित्व में आए कोटद्वार नगर निगम की पहली मेयर कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी की पत्नी हेमलता नेगी बनी जबकि निर्दलयी प्रत्याशी विभा चौहान मात्र 1568 वोटों से पीछे रहते हुए दूसरे स्थान पर रहीं जबकि भाजपा प्रत्याशी नीतू रावत तों अपनी जमानत बचाने में भी सफल नहीं हों पाई.
वर्ष 2018 के निकाय चुनाव में 1,04130 मतदाताओं में से 68,017 मतदाताओं नें अपने मत का प्रयोग किया, जिसमें पुरुषों के मुकाबलें 4,429 अधिक महिलाओं नें अपने मत का प्रयोग किया. यानि साफ हैँ कि लोकसभा,विधानसभा चुनावों की तरह हीं निकाय चुनावों में भी महिलाओं नें बढ़चढ़ कर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई.इस निकाय चुनाव में भाजपा से बागी होकर चुनावी मैदान में उत्तरी भाजपा के पूर्व ज़िलाध्यक्ष स्व. धीरेन्द्र चौहान की पत्नी विभा चौहान की वोटों की आँधी में कांग्रेस और भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी ऐसी उड़ी कि उनको नाकों चन्ने चबाने के लिए मजबूर होना पड़ा.कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी 3285 अवैध मतों की बदौलत मात्र 1568 वोटों से कांग्रेस की लाज बचाने में सफल तों रहीं,लेकिन पूरे चुनाव में वह भी बैकफुट पर हीं रहीं.

मेयर पद पर भाजपा और कांग्रेस के बीच रहेंगा इस बार कांटे का मुकाबला

2024 के निकाय चुनाव की अधिसूचना भले हीं अभी ज़ारी ना हुईं हों लेकिन इसकी चुनावी सरगर्मियां तेज होंने लगी हैँ.इस बार कोटद्वार नगर निगम का मेयर बनने के लिए भाजपा और कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक नाम अभी तक सामने आ चुके हैँ. हालांकि भाजपा और कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व किस नाम पर अपना विश्वास जताता हैँ यह तों आने वाला वक्त हीं बताएगा लेकिन जिस प्रकार दोनों दलों के बीच से मेयर के लिए संभावित नाम सामने आए हैँ उससे साफ हैँ कि पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनने के लिए हर क़ोई दावेदार एड़ी चोटी का ज़ोर लगाएगा.

भारतीय जनता पार्टी से संभावित दावेदार

2024 के निकाय चुनाव में कोटद्वार से मेयर के लिए संभावित दावेदारों की यदि बात की जाए तों इसमें मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित राजेंद्र अंथवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, पूर्व भाजपा विधायक शैलेन्द्र रावत, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट,भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैंथोंला सहित सुनीता देवी और अनीता आर्य के साथ हीं कुछ दूसरे नाम भी दौड़ में शामिल हैँ.

कोटद्वार नगर निगम के मेयर के लिए कांग्रेस से संभावित दावेदार

भाजपा की तरह हीं कांग्रेस में भी मेयर प्रत्याशी बननें के लिए कोटद्वार में कांग्रेसियों की लंबी फेहरिस्त हैँ. इस फेहरिस्त में पूर्व राज्य मंत्री विजय नारायण, पूर्व राज्य मंत्री जसवीर राणा, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष संजय मित्तल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, अमित नेगी, विजय रावत, उत्तराखंड निकाय सभासद महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह,चौहान कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रवेश रावत , पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीता नेगी, मीना बच्छवाण,रंजना रावत, विनीता भारती और गीता सिंह सहित कुछ दूसरे नाम भी शामिल हैँ जों मेयर पद के लिए संभावित दावेदारों में सबसे ऊपर हैँ.

तीन बच्चों वालें क्या लड़ सकतें हैँ निकाय चुनाव ? सस्पेंस अभी हैँ बरकरार

निकाय चुनावों में तीनों बच्चों वालें क्या चुनाव लड़ सकतें हैँ इसको लेकर स्थिति अभी साफ नहीं हों पाई हैँ, हालांकि शहरी विकास विभाग के अनुसार एक बच्चे के बाद दूसरी बार जुडवा बच्चे होंने पर चुनाव लड़ने का अब अधिकार प्राप्त हों गया हैँ. लेकिन क्या अलग-अलग समय समय में पैदा हुए बच्चों के अभिभावक निकाय चुनाव लड़ सकते हैँ इसको लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुईं हैँ.उधर खुद शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल भी कह चुके हैँ कि इस मामलें पर मंथन चल रहा हैँ, और जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा. लेकिन यदि इस पर निर्णय नहीं हों पाता हैँ तों फिर उन संभावित दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर सकता हैँ जों मेयर पद का चुनाव लड़ने का अरमान पालें हुए हैँ.