उत्तराखंड
उत्तराखंड के वीवीआईपी ज़िलों में शुमार किए जानें वाले जनपद पौड़ी में 47 साल बाद किसी महिला आईएएस अधिकारी कों यहां का जिलाधिकारी बनाया गया हैं.शासन द्वारा गुरुवार रात कों बड़ी संख्या में IAS और PCS अधिकारियों के तबादले किए गए थे,जिसमे जिलाधिकारी पौड़ी डॉ आशीष चौहान की जगह अब 2012 बैच की आईएएस अधिकारी स्वाति भदौरिया कों पौड़ी ज़िलें का नया DM बनाया गया हैं.स्वाति भदौरिया कों जनपद पौड़ी का जिलाधिकारी बनाएं जानें पर उनके खाते में एक स्वर्णिम उपलब्धि और जुड़ गईं हैं.दरअसल आज़ादी के बाद स्वाति भदौरिया वह दूसरी महिला IAS अधिकारी बन गई हैं जिन्हें जिलाधिकारी पौड़ी बनाया गया हैं .स्वाति भदौरिया से पहले ज्योति पांडे ही वह पहली महिला थी जिन्हें 1976-77 में पौड़ी ज़िलें का जिलाधिकारी बनाया गया था.यानि 48 साल बाद किसी महिला आईएएस अधिकारी कों पौड़ी जनपद का जिलाधिकारी बनाया गया हैं.अलग राज्य उत्तराखंड बनने के बाद अस्तित्व में आए 13 ज़िलों में यदि पौड़ी कों छोड़ दिया जाए तों महिला IAS अधिकारी समय-समय पर अलग अलग ज़िलों की जिलाधिकारी बनाई जाती रहीं हैं लेकिन उत्तराखंड बनने के बाद जनपद पौड़ी में पहली बार किसी महिला IAS अधिकारी कों ज़िलें की कमान सौंपी गईं हैं.
बचपन से था स्वाति का IAS बनने का सपना
UPSC में कामयाबी हासिल करना हर पढ़े-लिखे युवा का सपना होता है, लेकिन इसके लिए कई बार कामयाबी हासिल नहीं हो पाने का अफसोस भी होता है.स्वाति भदौरिया के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ बचपन से ही IAS अधिकारी बनने का सपना देखने वाली स्वाति UPSC के अपने पहले प्रयास में मात्र एक नंबर से रह गईं,लेकिन इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और 2012 में आखिरकार उसका सपना पूरा हुआ और उसने UPSC में इस बार 74 वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का अपना सपना साकार किया.
IAS अधिकारी स्वाति कों मिला था छत्तीसगढ़ कैडर
स्वाति कों ट्रेनिंग के दौरान छत्तीसगढ़ कैडर मिला.ट्रेनिंग के बाद वह डोंगरगांव और सरायपाली की एसडीएम भी रहीं.इसके बाद स्वाति ने 2011 बैच के आईएएस अधिकारी नितिन भदौरिया से शादी कर ली थी. नितिन उत्तराखंड बैच के आईएएस अधिकारी हैं. इसके बाद स्वाति भी उत्तराखंड चली आई.और अब यह दम्पति उत्तराखंड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.नितिन भदोरिया एक ओर जहां वर्तमान में उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर स्वाति भदौरिया को जिलाधिकारी पौड़ी नियुक्त किया गया है.
बेटे का आंगनबाड़ी में एडमिशन से आई थी चर्चा में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली स्वाति भदौरिया जब जिलाधिकारी चमोली थी तों तब अपने बेटे का एडमिशन करवाने के लिए वह खुद आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं थी.यह देखकर तब सब हैरान रह गए थे. उन्होंने किसी महंगे कॉन्वेंट स्कूल की जगह अपने बेटे को आंगनबाड़ी में पढ़ाने का फैसला किया था.





