पंजाब में आए बाढ़ के सैलाब ने मानो सब कुछ तबाह कर दिया हो. हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. ताजा जानकारी के अनुसार, 2 और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या अब बढ़कर 48 हो गई है. इतना ही नहीं, किसानों की सालों की मेहनत से खड़ी फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है.
1.76 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है. राज्य सरकार ने राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं, वहीं शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने घोषणा की कि आठ सितंबर से सभी स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय फिर से खोले जाएंगे.
शिक्षा व्यवस्था बहाल करने की तैयारी
बाढ़ के कारण पिछले दिनों पंजाब में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए थे. अब शिक्षा मंत्री ने कहा है कि निजी स्कूल 8 सितंबर से खुल जाएंगे. सरकारी स्कूलों में कक्षाएं 9 सितंबर से शुरू होंगी. जिन स्कूल-कॉलेजों को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है, उन्हें बंद रखने का निर्णय स्थानीय प्रशासन करेगा. इसके साथ ही मंत्री ने साफ किया कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए सरकार विशेष व्यवस्था कर रही है.
किसानों की चुनौतियां और राहत कार्य
किसानों के लिए बाढ़ का असर सबसे गहरा है. खेतों में गाद और रेत जम जाने से अगली फसल बोने की चिंता बढ़ गई है. आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि किसानों को खेतों से जमा रेत निकालने की अनुमति दी जाएगी.
प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, सेना, बीएसएफ और पंजाब पुलिस लगातार राहत व बचाव कार्य कर रही है. इसी बीच, पोंग बांध का जलस्तर घटकर 1,392.20 फुट पर आ गया है, हालांकि यह अब भी अधिकतम सीमा से ऊपर है. भाखड़ा बांध का जलस्तर भी मामूली घटकर 1,677.98 फुट दर्ज किया गया है. जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
सरकार और राजनीति की सक्रियता
मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा, पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की. पीटीआई के रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 2,050 गांवों के करीब 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
इनमें से 3.87 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर विस्थापित हुए. 22,938 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 219 राहत शिविरों में 5,400 से अधिक लोगों को शरण दी गई है.
बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करेंगे और हालात का जायजा लेंगे. वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर देरी का आरोप लगाते हुए उम्मीद जताई कि पीएम अपनी यात्रा के दौरान राहत पैकेज की घोषणा करेंगे.
ऐतिहासिक आपदा से जूझ रहा पंजाब
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने संगरूर और टोहाना क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव मदद करेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, यह बाढ़ कई दशकों में आई सबसे भीषण आपदा है. इसकी वजह सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का उफान है, जो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश से और विकराल हो गया. पंजाब में हाल की वर्षा ने हालात को और गंभीर बना दिया है.






