सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड सचिन बिश्नोई आखिरकार भारतीय एजेंसियों की पकड़ में आ ही गया. सचिन को लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अजरबैजान से भारत डिपोर्ट किया गया है. विदेशी जमीन पर बैठकर भारत में अपराध करने या भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने वाला केवल सचिन ही नहीं है, इसके जैसे कई ऐसे गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी हैं जो दूसरे देशों में छुपकर भारत के खिलाफ साजिश रचते हैं और भारत में वारदातों को अंजाम देते हैं.
विदेश में बैठकर लॉरेंस गैंग को ऑपरेट करता था सचिन बिश्नोई
भारत से 3,700 किमी दूर अजरबैजान में बैठे सचिन बिश्नोई ने कभी सोचा भी नहीं था कि वो विदेश में पकड़ा जाएगा. लेकिन ऐसा ही हुआ और उसे अजरबैजान में गिरफ्तार कर लिया गया. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पहले दिन से ही उसका नाम आ रहा था. मगर सचिन कानून की पहुंच से बहुत दूर था. शातिर सचिन बिश्नोई जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है. जो विदेश में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ऑपरेट करता है. सचिन वही नाम है, जिसका जिक्र मूसेवाला मर्डर केस में एजेंसियां लगातार करती रही हैं. जांच एजेंसियां सचिन को इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड करार देती रही हैं. यही वजह है कि वो शुरू से ही जांच अधिकारियों के रडार पर रहा है. पुलिस का दावा था कि सचिन के कहने पर ही संदीप उर्फ केकड़ा ने सिद्धू मूसेवाला की रेकी की थी, क्योंकि वो सचिन का दोस्त है. यानी सीधे तौर पर सचिन का इस मर्डर केस से नाता है.
विदेश में बैठें 28 गैंगस्टर की सरकार नें की थी लिस्ट जारी
दरअसल, केंद्र सरकार ने इसी साल अप्रैल में वॉन्टेड गैंगस्टर्स की एक लिस्ट तैयार की थी. जिसमें 28 गैंगस्टर्स के नाम शामिल थे. ये वो गैंगस्टर्स हैं, जो दूसरे देशों में छिपकर बैठे हैं. और विदेशी जमीन से ही भारत के खिलाफ या भारत में अपने आतंकी और आपराधिक मंसूबों को पूरा करने का काम करते हैं. भारत में अपराध करते हैं. लोगों की जान लेते हैं. अवैध वसूली और रंगदारी इनका धंधा है. ये लोगों को धमकाकर, डराकर अपना उल्लू सीधा करते हैं. 28 में से 9 कनाडा में और 5 गैंगस्टर्स अमेरिका में बैठे हैं. ये वो गैंगस्टर्स हैं, जिन पर भारत में मर्डर, एक्सटॉर्शन और किडनैपिंग जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
अमेरिका में भी छुपे हैं कुछ गैंगस्टर्स
अमेरिका में पनाह लेने वाला गोल्डी बराड़ अकेला नहीं है. उसके अलावा हरजोत सिंह गिल, दरमनजीत सिंह उर्फ दरमन काहलों और अमृत बल भी अमेरिका में रहकर भारत में अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने की फिराक में रहते हैं.





