गांव के लोगों ने परिवार के साथ दिखाई हमदर्दी
नई दिल्ली। पंजाब के लाहौर में नामित आतंकवादी और खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवार उर्फ मलिक सरदार सिंह की शनिवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई हैं। वही जानकारी के मुताबिक लाहौर के जौहर टाउन में दो अज्ञात बंदूकधारियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। परमजीत सिंह पंजवार जौहर कस्बे स्थित सनफ्लावर सोसाइटी में रहता था। सुबह करीब 6 बजे बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने परमजीत पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिससे उसकी मौत हो गई।
कौन हैं KCF चीफ
दरअसल पंजाब में ड्रोन के माध्यम से नशीली दवाओं और हथियारों की तस्करी में शामिल परमजीत तरनतारन के पंजवार गांव का रहने वाला था। वह 1986 में कट्टरपंथी बनने के बाद केसीएफ में शामिल हो गया था। इससे पहले वह सोहल में एक केंद्रीय सहकारी बैंक में काम करता था। 1990 में पंजवार ने केसीएफ की कमान संभाली और पाकिस्तान चला गया। उसने सीमा पार हथियारों और हेरोइन की तस्करी के माध्यम से धन जुटाकर केसीएफ को जिंदा रखा था।
हमदर्दी प्रकट करने पहुंचे गांव वालें
वही केसीएफ प्रमुख प्रमजीत सिंह के गांव के लोग उनके परिवार के साथ हमदर्दी प्रकट करने के लिए पहुंचे। परिवार का कहना है कि परमजीत सिंह ने अपना पूरा जीवन सिख समुदाय की सेवा में लगा दिया। परिवार ने कहा कि हमें न्युज चैनल से पता चला है कि उसकी लाहौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हम सरकार से परमजीत सिंह के शव को परिवार को सौंपने की अपील करते हैं ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। उन्होंने ने कहा कि पुलिस ने परमजीत सिंह को अवैध रूप से परेशान करना शुरू कर दिया, जिसके बाद वह फरार हो गया। 1987 के बाद परमजीत सिंह परिवार से नहीं मिल सके है। उन्होने ने कहा कि हमारे गांव के 13-14 और सिंह शहीद हुए हैं। परिवारजनों ने कहा कि पुलिस आज तक निर्दोष लोगों को धमकाती आई है। परमजीत सिंह पंजवाड़ के दो बच्चे भी हैं जो विदेश में रहते है। उन्होंने कहा कि अदालत में मामले भी चल रहे हैं कि सीबीआई ने ठीक से जांच नहीं की।
उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ भी झूठे मुकदमे मिल रहे हैं और सरकार से कभी कोई भाग नहीं सकता है। यह सब सरकार का ड्रामा है।” उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह युवाओं को अमृत पिला रहे हैं।
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