आप बाबा केदार के दर्शन को आ रहे हैं और इस दौरान कुछ समय ध्यान साधना में गुजारना चाहते हैं तो केदारनाथ की पहाड़ी पर स्थित रुद्र गुफा आपके स्वागत को तैयार है.इसी गुफा में पहली बार वर्ष 2019 में अपनी केदारनाथ यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ध्यान लगाया था.तब से लेकर अब तक इस गुफा में 365 तीर्थयात्री ध्यान लगा चुके हैं, जिनमें 36 विदेशी शामिल हैं. इसके अलावा केदारनाथ धाम में दो और ध्यान गुफा भी हैं,लेकिन इनका संचालन अभी नहीं हो रहा हैं.
वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम को संवारने के क्रम में यहां पहाड़ियों पर स्थित तीन प्राकृतिक गुफाओं को विकसित कर ध्यान गुफा में परिवर्तित किया गया है. इनमें रुद्र गुफा प्रमुख है, जो समुद्रतल से 12,000 फीट की ऊंचाई पर मंदिर से लगभग 800 मीटर दूर मंदाकिनी नदी के दूसरी ओर दुग्ध गंगा के पास स्थित है.
बेहद शांत वातावरण में बनी 10 फीट लंबी व आठ फीट चौड़ी इस गुफा में सबसे पहले ध्यान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ध्यान लगाया था.इसके बाद यह देश-विदेश में सुर्खियों में आ गई. केदारनाथ पुनर्निर्माण योजना के तहत वर्ष 2018 में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) ने आठ लाख की लागत से इस गुफा का निर्माण किया.गुफा में फलाहार के अलावा बिजली, पानी, टेलीफोन व शौचालय की भी व्यवस्था है.
जर्मनी की निकोल ने लगाया था 10 दिन ध्यान
रुद्र गुफा में अब तक जिन 36 विदेशी तीर्थ यात्रियों ने ध्यान साधना की, उनमें जर्मनी की निकोल भी शामिल हैं. उन्होंने वर्ष 2019 में यहां 10 दिन ध्यान लगाया था.गुफा की बुकिंग के लिए शुल्क जीएसटी समेत 3,700 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिदिन निर्धारित है. पिछले वर्ष यह जीएसटी समेत 3,000 रुपये था.
रूद्र गुफा की बुकिंग गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) की वेबसाइट https://gmvnonline.com पर की जा सकती है. जिस दिन की गुफा के लिए आनलाइन बुकिंग नहीं होगी, उस दिन के लिए तीर्थयात्री केदारनाथ धाम में ही आफलाइन बुकिंग करवाकर ध्यान लगा सकते हैं.
गुफा में रुकने के नियम
रुद्र गुफा में ध्यान करने के लिए साधक की आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है. साथ ही साधक को स्वस्थ होने का मेडिकल सर्टिफिकेट भी देना होगा.गुफा में धूमपान और शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है.
जून के लिए 70 प्रतिशत हो चुकी हैं बुकिंग
श्री बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जानकारी देतें हुए बताया कि केदारनाथ में तीन प्राकृतिक गुफाओं को ध्यान गुफा के रूप में विकसित किया गया है, लेकिन इनमें से संचालन केवल एक का ही हो रहा है. शेष दो गुफाओं में अभी विद्युत समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इनकी बुकिंग नहीं की जा रहीं हैं.





