उत्तराखंड: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के अंकिता भंडारी हत्याकांड पर वायरल ऑडियो-वीडियो से आए बवंडर से बीजेपी अपनी कश्ती संभालने में लगी है. एक ओर इस मामले पर कांग्रेस प्रदेश भर में सड़कों पर है और उनके सभी बड़े नेता कहीं न कहीं धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाल रहे हैं, वहीं बीजेपी डैमेज कंट्रोल में लगी है. इसी के तहत बुधवार को बड़ी संख्या में लोगों को बीजेपी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई.
उर्मिला सनावर ऑडियो कांड के भंवर से निकली बीजेपी
कई दिनों से मुश्किलों में चल रही भाजपा उर्मिला सनावर के पुलिस के सामने पेश होने के बाद थोड़ा राहत में नजर आई. बुधवार को पार्टी कार्यालय पर भाजपा ने बड़ी संख्या में लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई. उसके बाद अब भाजपा अब तक हुए नुकसान की भरपाई में लग गई है.
एक महीने से कई झंझावतों में घिरी बीजेपी
पिछले लगभग 1 महीने से लगातार जन आक्रोश और विपक्ष के हमलों का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी बुधवार को थोड़ा राहत में नजर आई. पिछले लंबे समय से लगातार एक के बाद एक हुए मामलों को लेकर बीजेपी बैक फुट पर दिखाई दे रही थी. त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या हो या कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू का विवादित बयान हो, कांग्रेस को बीजेपी को घेरने का मौका मिला तो उसने इन्हें जनता का मुद्दा भी बना लिया. अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले के नए घटनाक्रम ने भी भारतीय जनता पार्टी की सभी रणनीतियों पर पानी फिर दिया था.
उर्मिला सनावर के सरेंडर से बीजेपी को राहत
जैसे ही मंगलवार रात उर्मिला सनावर ने सरेंडर करने और पुलिस के पास आने का ऐलान किया, उसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने राहत की सांस ली. यही वजह है कि बुधवार को जहां एक तरफ पुलिस ने उर्मिला सनावर से पूछताछ की, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी संख्या में अन्य राजनीतिक दलों के लोगों की पार्टी में ज्वाइनिंग कराई गई. इससे यह मैसेज दिया गया कि बीजेपी अपनी राजनीतिक रणनीति की दिशा नहीं भटकी है, बल्कि एक बार फिर पार्टी अपना डैमेज कंट्रोल कर 2027 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही





