उत्तराखंड में बड़े भूकंप के आने की संभावना को लेकर भूवैज्ञानिकों ने गंभीर चिंता जताई है. विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र, खासकर उत्तराखंड, एक बार फिर शक्तिशाली भूकंप की दहलीज पर खड़ा है.उत्तराखंड की शांत दिख रही हिमालय की इन पहाड़ियों में लाखों लोग अपना गुजर बसर कर रहे है लेकिन उनकी जमीन के नीचे एक बड़ी आपदा आने की संभावना भू-वैज्ञानिकों ने जताई है. जो सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि पूरे हिमालई क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है.
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तराखंड में छोटे मैग्नीट्यूट के झटके आते रहते है लेकिन धरती के नीचे बड़ी मात्रा में एक ऊर्जा एकत्रित हो रही है जिस कारण 7.0 से अधिक तीव्रता वाला भूकंप आ सकता है. हालांकि वर्ष 1991 में उत्तरकाशी जिले में 7.0 और वर्ष 1999 में चमोली जिले में 6.8 तीव्रता के भूकंप आ चुके है ,बड़े भूकंप की आशंका भू वैज्ञानिकों को इसलिए भी है की उत्तराखंड में भूगर्भीय प्लेटों की गति लॉक्ड हो गई है जिससे बड़े भूकंप की ओर इशारा कर रहीं हैं.
वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ हिमालयन जियोलॉजी नें दिए संकेत
वादिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ हिमालय जियोलॉजी देहरादून के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ.नरेश कुमार के अनुसार हिमालय की भौगोलिक परिस्थितियां संवेदनशील है और पिछले 100 से 200 सालों से कोई बड़ा तीव्रता का भूकंप नहीं आया है,उन्होंने कहा कि हिमालय को हाई सेस्मिक जोन में रखा गया है, जिस कारण भूकंप के आने की संभावना ज्यादा है , इसी तरह हिमालयी सेस्मिक जोन को भी चिह्नित किया गया है. भू-वैज्ञानिक डॉ नरेश कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि हिमालई क्षेत्र में जो कंस्ट्रक्शन हो रहा है वह भूकंपरोधी होंने चाहिए ताकि जानमाल का नुकसान न हो.
आपदा प्रबंधन विभाग भी हैं अलर्ट मोड पर
भू-वैज्ञानिकों की चिंता के बाद उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट मोड पर है. आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार iit रुड़की की मदद से भूदेव ऐप डेवलप किया गया है , जिसकी मदद से आम जनमानस को 10 से 40 सेकेंड पहले पता चल जाएगा साथ ही पूरे प्रदेश में 170 सेंसर लगाए गए है.जिसने भी भूदेव ऐप को इंस्टॉल किया है उसे 5 की तीव्रता से अधिक आए भूकंप पर यह ऐप अलर्ट कर देता है , वही सेंसर की संख्या बढ़ाए जाने पर जोर दिया का रहा है , और लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है, आपदा सचिव ने कहा कि आम लोगों से भूदेव ऐप को इंस्टॉल करने की अपील की जा रहीं है ताकि जनता अपना बचाव कर सके
भूकंप की सटीक जानकारी को लेकर वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं लेकिन शोध के बीच वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड में बड़े भूकंप की संभावना भी जताई है जो शायद पिछले कुछ सालों में सबसे बड़ा भूकंप भी हो सकता है वैसे भी पिछले कुछ सालों में उत्तराखंड या देश में इतने बड़े भूकंप नहीं आए हैं लेकिन वैज्ञानिक जिस तरह से उत्तराखंड में भूकंप की संभावना जाता रहे हैं उससे हिमालय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.





