हरिद्वार के खानपुर से पूर्व भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर अपनी दबंगई और विवादित अंदाज़ के चलते सुर्खियों में हैं। हाल ही में रुड़की के एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित विवाह समारोह में चैंपियन का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंचे पूर्व विधायक ने न केवल महफिल में समां बांधा, बल्कि वहां मौजूद मेहमानों के लिए आकर्षण और चर्चा का केंद्र भी बन गए।
मंच पर नोटों की बारिश और मूंछों का ताव
समारोह के दौरान जब मंच पर डांसर “राणा जी मुझे माफ करना” और “कोई शहरी बाबू” जैसे मशहूर गानों पर प्रस्तुति दे रही थी, तभी पूर्व विधायक चैंपियन जोश में आ गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वे मंच के करीब खड़े होकर लगातार नोट उड़ा रहे हैं। करीब आधे घंटे तक चले इस ‘शो’ के दौरान चैंपियन कभी डांसर की कला पर खुश होकर पैसे लुटाते दिखे, तो कभी अपनी मशहूर मूंछों पर ताव देकर अपना रसूख दिखाते नजर आए।
कैमरों में कैद हुआ काफिले का हुजूम
इस दौरान उनके समर्थक और निजी सुरक्षाकर्मियों का भारी काफिला भी वहां मौजूद रहा.पूर्व विधायक की इस हरकत को देखकर वहां मौजूद भीड़ ने अपने मोबाइल निकाल लिए और देखते ही देखते यह पूरा वाकया रिकॉर्ड हो गया.वायरल हो रहे इन वीडियोज़ में चैंपियन का वही पुराना ‘अंदाज-ए-बयां’ नजर आ रहा है, जो अक्सर उन्हें विवादों की दहलीज पर ले जाकर खड़ा कर देता है.
बंदूकों से लेकर बयानों तक का विवादित सफर
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है.साल 2006 में मगरमच्छों पर गोली चलाने से लेकर 2013 में एक डिनर पार्टी के दौरान हुई फायरिंग तक, उनके नाम के साथ कई गंभीर आरोप जुड़े हैं. साल 2019 में दिल्ली के उत्तराखंड सदन में एक पत्रकार को थप्पड़ मारने का मामला हो या महात्मा गांधी पर दिया गया विवादित बयान, चैंपियन हमेशा ही अपनी कार्यशैली के कारण अपनी पार्टी और सरकार के लिए असहज स्थितियां पैदा करते रहे हैं.
अतीत की परछाइयां और वर्तमान की सुर्खियां
गौरतलब है कि साल 2025 में भी उन पर निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के कार्यालय में घुसकर फायरिंग और मारपीट करने के आरोप लगे थे। इससे पहले उनका ‘तमंचे पर डिस्को’ वाला वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ था, जिसके बाद उन पर कड़ी कार्रवाई भी हुई थी। अब रुड़की के विवाह समारोह में नोट उड़ाने के इस नए मामले ने एक बार फिर उनके पुराने विवादों की फाइलें खोल दी हैं और विपक्षी दलों को हमले का मौका दे दिया है।




