पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) मोहम्मद मुस्तफा के खिलाफ अपने बेटे अकील अख्तर की हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज हुआ है. उनके साथ-साथ उनकी पत्नी, बेटी और पुत्रवधू के खिलाफ भी षड्यंत्र में शामिल होने का मामला दर्ज किया गया है. बता दें कि 16 अक्टूबर की देर रात पंचकूला में अकील की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी.परिवार ने बताया था की दवाइयों की ओवरडोज के कारण उसकी मौत हुई थी.लेकिन पड़ोसी शमसुद्दीन ने अकील की मां और रजिया सुल्ताना, पिता मोहम्मद मुस्तफा पर गंभीर आरोप लगाया है.
क्या है पूरा मामला?
शमसुद्दीन ने दावा किया है कि अकील की पत्नी और पिता के बीच अवैध संबंध थे, जिसमें रजिया सुल्ताना भी शामिल थी.शमसुद्दीन ने पंचकुला के पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी थी जिसको आधार बनाकर पंचकूला मनसा देवी पुलिस थाने में मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी और पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, पुत्रवधू व बेटी के खिलाफ 103 (1), 61 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है.
अकील ने किया था पिता और पत्नी के बीच अवैध संबंधों का जिक्र
बता दें कि 16 अक्टूबर की देर रात को अकील की पंचकूला में मौत हो गई थी. परिवार ने बताया था की दवाइयों की ओवरडोज के कारण उसकी मौत हुई थी.35 साल के अकील पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता था.उसके एक बेटा और बेटी है.मौत के बाद अकील का एक वीडियो सामने आया था. यह वीडियो 27 अगस्त को पोस्ट किया गया था, जिसमें अकील कह रहा था कि परिवार के लोग उसकी हत्या करने के लिए साजिश रच रहे हैं. उसने पिता और पत्नी के अवैध संबंधों का भी जिक्र किया था।
DCP ने क्या बताया?
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि 16 अक्तूबर को सेक्टर-4 एमडीसी, पंचकूला निवासी अकील अख्तर अपने घर में मृत मिले. परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी.प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई, जिसके बाद पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया.लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और वीडियो सामने आए, जो मृतक द्वारा मौत से पहले बनाए गए बताए जा रहे हैं, जिनमें उन्होंने निजी विवादों और अपनी जान को खतरे की आशंका जताई है.17 अक्तूबर को पंजाब के मालेरकोटला निवासी शमशुद्दीन द्वारा इस घटना में संदिग्ध परिस्थितियों की शिकायत भी दर्ज कराई गई.शिकायत और सोशल मीडिया पोस्ट को ध्यान में रखते हुए थाना एमडीसी, पंचकूला में एफआईआर नं. 131, धारा 103(1), 61 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है.
डीसीपी ने आगे बताया, निष्पक्ष, पारदर्शी और सबूत-आधारित जांच के लिए एसीपी रैंक अधिकारी की निगरानी में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी इस मामले के हर पहलू की गहन जांच करेगी। पंचकूला पुलिस स्पष्ट करती है कि जांच निष्पक्ष और खुले मन से की जाएगी, ताकि दोषी को बख्शा न जाए और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो. पुलिस इस मामले में पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांतों पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है.






