उत्तराखंड
गढ़वाल लोकसभा सीट की तीन महत्वपूर्व विधानसभाओं में इस बार लोकसभा चुनावों के मतदान में भारी गिरावट देखने कों मिली है. कोटद्वार, यमकेश्वर और लैंसडाउन की विधानसभाओं में भाजपा के स्टार प्रचारकों की धूम के बावजूद यहाँ मत प्रतिशत में गिरावट देखने कों मिली है. 2017 के लोकसभा चुनावों में कोटद्वार में 68.67 प्रतिशत मतदान हुआ था लेकिन 2024 के चुनावों में घटकर यह 58.50 पर सिमट गया,यानि इस विधानसभा में 10.17 प्रतिशत मतदान में गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे हीं लैंसडाउन विधानसभा में वर्ष 2017 के लोकसभा चुनावों में 47.87 प्रतिशत मतदान हुआ था जो इस बार 39.01 प्रतिशत पर सिमट गया,यानि इस विधानसभा पर भी 8.86 प्रतिशत मतदान कम हुआ है. ऐसे हीं बात यदि यमकेश्वर विधानसभा की हों तों वहाँ भी मतदान में भारी गिरावट देखने कों मिली है. 2017 के लोकसभा चुनावों में एक ओर जहाँ 53.18 प्रतिशत मतदान हुआ तों वहीं इस बार इस विधानसभा सीट पर 41.50 प्रतिशत मतदान हों पाया.यानि इस सीट पर भी 11.68 प्रतिशत कम मतदान हुआ है.वहीं दूसरी ओर इन तीनों विधानसभाओं में इस बार मुश्लिम मतदाताओं में भी मतदान कों लेकर जोश देखने कों नहीं मिला. ख़ासकर कोटद्वार के मुश्लिम बाहुल्य वाले पोलिंग बूथों की यदि बात की जाय तों इन बूथों पर भी वह भीड़ नहीं दिखाई दी जो पिछले चुनावों के दौरान देखने कों मिलती थीं. कुल मिलाकर यदि देखा जाए तों तमाम कोशिश के बावजूद इन तीन विधानसभाओं में जिस प्रकार वोटरों का रुख मतदान के प्रति देखनें कों मिला वह कई तरह की चर्चाओं कों जन्म दें गया.





