उत्तराखंड
जनपद पौड़ी के लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोमवार रात एक कथित रेव पार्टी का भंड़ाफोड़ किया था,लेकिन अब इस पार्टी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. मामला सामने के बाद उत्तराखंड डीजीपी दीपम सेठ ने गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप को जांच के आदेश भी दिए हैं. अब पौड़ी एसएसपी लोकेश्वर सिंह जल्द ही इस पूरे मामले की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे.
दरअसल, इस पार्टी में पकड़े गए एक कारोबारी ने उत्तराखंड डीजीपी को एक पत्र लिखा है, जिसके बाद DGP ने जाँच के आदेश दिए है . दरअसल लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र के भोगपुर इलाके में स्थित एक रिजॉर्ट में 18 अगस्त की रात रेव पार्टी चल रही थी. किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस को रिजॉर्ट से तेज गानों की आवाज आने की सूचना पुलिस कों दी गई थी. पुलिस ने जब रिजॉर्ट में छापा मारा तो वहां रेव पार्टी चल रही थी. पुलिस वहां से 9 युवतियों समेत 37 लोगों को पकड़कर थाने लाई.
पुलिस ने थाने लाकर आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि पकड़े गए अधिकतर लोग उत्तर प्रदेश के व्यापारी हैं. उन्हें एक कंपनी का एरिया मैनेजर यहां लेकर आया था. उसी ने पार्टी को ऑर्गेनाइज किया था. एक एस्कॉर्ट ग्रुप के माध्यम से यहां पर लड़कियां भी बुलाई गई थीं. ये पार्टी तब चल रही थी जबकि भारी बारिश के चलते एसडीएम यमकेश्वर ने एक जुलाई से सभी रिजॉर्ट्स को बंद करने के आदेश जारी किए थे. पुलिस ने होटल स्वामी के खिलाफ एसडीएम के आदेशों का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया और बाकी लोगों को चालान काटकर छोड़ दिया, लेकिन अगले दिन इस मामले ने अचानक फिर तूल पकड़ लिया.
कारोबारी ने डीजीपी को लिखा पत्र: पार्टी में पकड़े गए सभी लोग मुजफ्फरनगर और मेरठ के बड़े कारोबारी थे. पुलिस से यहां गलती तब हो गई जब कारोबारियों के नाम के साथ महिलाओं के नाम भी सार्वजनिक हो गए. नामों के सार्वजनिक होने से पकड़े गए कारोबारी ने पुलिस के सामने आपत्ति जताई और डीजीपी उत्तराखंड को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले के बारे में बताया. इसके बाद उत्तराखंड डीजीपी दीपम सेठ ने इस मामले की जांच गढ़वाल आईजी को दे दी.
अभी इस मामले की जांच की जाएगी कि आखिरकार जब इतनी बड़ी पार्टी हो रही थी तो क्या पुलिस को वहां से किसी भी तरह का कोई मादक पदार्थ मिला? अगर पुलिस इसे रेव पार्टी बता रही है तो गिरफ्तारी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामान या नशे का पदार्थ दिखाया गया या नहीं? कहा जा रहा है कि डीजीपी को पत्र लिखने वाले कारोबारी ने बताया है कि वहां पर सामान्य पार्टी चल रही थी.
पुलिस अधिकारी बोले- बैठा दी है जांच: गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप कहते हैं कि, इस पार्टी को रेव पार्टी तब तक नहीं कहा जा सकता जब तक यहां से ड्रग्स और अन्य ऐसे नशे का सेवन की पुष्टि नहीं हो जाती.
इस मामले पर हमने पौड़ी गढ़वाल के SSP से रिपोर्ट मांगी है. रिपोर्ट में हमने यह भी मांगा है कि क्या वहां से नशे का कोई सामान पकड़ा गया है या नहीं? इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं. अगर पुलिस के स्तर पर कोई चूक हुई है तो इस पर भी जांच की जाएगी. जांच के बाद जो भी निष्कर्ष निकलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आईजी की मानें तो यह मामला बेहद गंभीर है. लिहाजा इसमें किसी तरह की कोई रियायत नहीं बरती जा सकती.
ये जगह इसलिए हुई थी चर्चित: पुलिस की कार्रवाई वाली ये जगह इसलिए भी चर्चाओं में है क्योंकि यही वो स्थान है जहां कुछ साल पहले बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड हुआ था. यही वो इलाका और इस रिजॉर्ट के आसपास का क्षेत्र है, जहां पर अंकित भंडारी काम किया करती थी. उस घटनाक्रम के बाद यहां रहने वाले स्थानीय निवासियों ने भी रिजॉर्ट में चल रही गतिविधियों को लेकर कई बार शिकायत की है. इस कार्रवाई के बाद भी स्थानीय लोगों में ये आक्रोश था कि इतनी बड़ी पार्टी होने के बाद कैसे सभी लोगों को तुरंत छोड़ दिया गया. पुलिस लगातार इस क्षेत्र में गतिविधियों पर वैसे तो नजर रखती है, परंतु यह मामला इसलिए सुर्खियों में है. क्योंकि पुलिस ने जिस पार्टी को रेव पार्टी बताया है. उसमें क्या कुछ हो रहा था अभी तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है. दरअसल, ये इलाका राजाजी नेशनल पार्क से सटा होने के साथ ही नदी किनारे बसा है. ऐसे में मॉनसून के दौरान यहां किसी तरह की गतिविधि या भीड़ एकत्रित करने की मनाही थी.






