उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड कों लेकर गढ़वाल कें लोगों कों अपशब्द कहनें पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा विवादों में आ गए हैँ.अंकिता भंडारी हत्याकांड कों लेकर कांग्रेस द्वारा निकाली गई स्वाभिमान न्याय यात्रा कें समापन पर 22 जुलाई कों कोटद्वार में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा नें जों विवादित भाषण दिया उसका वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा और आक्रामक हों गई हैँ. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट नें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कों उनके विवादित बयान पर आड़े हाथों लेतें हुए कहा कि उन्होंने जिस प्रकार गढ़वाल कें स्वाभिमान और शौर्य परम्पराओं का मज़ाक उड़ाया हैँ उसकों जनता कभी माफ़ नहीं करेंगी. उधर दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष माहरा नें वीडियो कों एडिट करनें कें बाद वायरल करने की बात कही हैँ.इतना ही नहीं करन माहरा नें भाजपा कें साथ ही अपनी ही पार्टी कें एक नेता कों भी आड़े हाथों लेते हुए उन पर भी वीडियो कों विवादित बनाकर वायरल करने का आरोप लगाया हैँ.
आगामी निकाय और लोकसभा चुनाव में वायरल वीडियो बन सकता हैँ बड़ा मुद्दा
उत्तराखंड में इसी साल कें अंत में निकाय चुनाव और अगले साल लोकसभा होंने हैँ.ऐसे में भाजपा नें अंकिता हत्याकांड कों लेकर गढ़वाल कें लोगों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा की गई विवादित टिप्पणी कों बड़ा मुद्दा बना लिया हैँ. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कें साथ ही उसके प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी नें भी करन माहरा कों कुंठित मानसिकता का व्यक्ति करार दिया हैँ. मुखपत्र कों अपने जारी एक बयान में हेमंत द्विवेदी नें साफ किया कि उत्तराखंड वीरों की भूमि हैँ और गढ़वाल नें देश की आज़ादी से लेकर आज तक अनेक ऐसे लोगों कों अपनी भूमि में जन्म दिया हैँ जिन्होंने देश दुनिया में यहां का सिर फ़क्र से ऊंचा किया हैँ.ऐसे में गढ़वाल कें लोगों कों अपशब्द कहना करन माहरा का मानसिक दिवालियापन कों दर्शाता हैँ.भाजपा प्रदेश प्रवक्ता द्विवेदी नें कहा कि भाजपा इस मामलें कों जनता की अदालत में लें जाएगी और इसकी खामिजाया कांग्रेस भुगतेगी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा नें विवादित वायरल वीडियो कें बाद मांगी माफ़ी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा नें अंकिता भंडारी हत्याकांड कों लेकर अपने भाषण में गढ़वाल कें लोगों कें लिए जिन अपशब्दों का प्रयोग किया था उसकों लेकर उन्होंने माफी मांगी हैँ.
करन माहरा नें अपने माफ़ीनामें में कहा कि उनका मकसद किसी की भी भावनाओं कों ठेस पहुंचाने का नहीं था लेकिन यदि फिर भी किसी कों ठेस पहुंची हों तों वह गढ़वाल की जनता से माफ़ी मांगते हैँ.





