दिल्ली सेवा विधेयक सोमवार (07 अगस्त) को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. अविश्वास प्रस्ताव और दिल्ली ऑर्डिनेंस बिल के कारण संसद के मानसून सत्र का आखिरी सप्ताह हंगामेदार रहने की संभावना है. इससे पहले दिल्ली विधेयक लोकसभा में पास हो चुका है. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसे सदन में पेश करेंगे.
आज ही इसको चर्चा कर पास करवाया जा सकता है. विधेयक पर दोपहर 2 बजे से चर्चा हो सकती है. लोकसभा के मुकाबले राज्य सभा में इस पर ज़्यादा हंगामा रहेगा क्योंकि विपक्षी सांसदों की संख्या राज्य सभा में ज़्यादा है.
आम आदमी पार्टी तो ये भी दावा कर रही है कि इस बिल को राज्य सभा में गिराया जा सकता है. हालांकि बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस के बिल के समर्थन के एलान के बाद अब विपक्ष को बड़ा झटका लगा है क्योंकि अब सत्तपक्ष के पक्ष में बहुमत के लिए संख्या बल और ज़्यादा हो गया है.
मानसून सत्र का आखिरी सप्ताह हंगामेदार रहने के आसार
लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और राज्यसभा में दिल्ली सेवा विधेयक पर इस हफ्ते होने वाली चर्चा के मद्देनजर संसद के मानसून सत्र का आखिरी सप्ताह संभवत: हंगामेदार रहेगा. आज सभी की निगाहें लोकसभा सचिवालय पर टिकी रहेंगी, जब वह (सचिवालय) संभवत: ‘मोदी उपनाम’ मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट के स्थगनादेश की समीक्षा करेगा और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के संबंध में फैसला करेगा.
अगर लोकसभा के सदस्य के तौर पर गांधी को अयोग्य ठहराने का फैसला रद्द किया जाता है, तो कांग्रेस की प्राथमिकता होगी कि मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गांधी विपक्ष की ओर से अहम वक्ता की भूमिका निभाएं.
कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने जारी किया व्हिप
बीजेपी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर 7 से 11 अगस्त के बीच सदन में मौजूद रहने को कहा है. कांग्रेस प





