गढ़वाल लोकसभा सीट पर मातृ शक्ति बनेगी प्रत्याशियों की भाग्य विधाता,निभाएंगी फिर निर्णायक भूमिका

उत्तराखंड

देश में 18 वीं लोकसभा के लिए पहले चरण में 21 राज्यों की 102 लोकसभा सीटों के लिए हुए मतदान के बाद उत्तराखंड की सबसे चर्चित और वीवीआईपी लोकसभा सीट पर कम हुए मतदान नें सारे राजनीतिक समीकरणों को उलझा कर रख दिया हैँ.गढ़वाल लोकसभा की 14 विधानसभाओं में एक ओर जहाँ रामनगर विधानसभा में सबसे अधिक 63.76 प्रतिशत मतदान हुआ तों वहीं दूसरी ओर लैंसडाउन विधानसभा में सबसे कम 40.18 प्रतिशत मतदान हुआ. बात यदि इस लोकसभा की सभी 14 विधानसभाओं के मतदाताओं की यदि की जाए तों 13 लाख 69 हजार 3 सौ 88 मतदाताओं में से 7 लाख 17 हजार 8 सौ 34 मतदाताओं नें अपने मत का प्रयोग किया,यानि कुल 52.42 प्रतिशत मतदान हीं गढ़वाल लोकसभा सीट पर हों पाया.

दांव पर लगी हैँ भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों की साख

गढ़वाल लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से अनिल बलूनी जबकि कांग्रेस की ओर से गणेश गोदियाल सहित कुल 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे. लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के अनिल बलूनी और कांग्रेस के गणेश गोदियाल के बीच हीं था.भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के पक्ष में जन समर्थन जुटाने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित पूर्व केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सहित तमाम भाजपा के दिग्गज़ नेता यहाँ पहुँचे जबकि गणेश गोदियाल के पक्ष में मात्र उनकी स्टार प्रचारक प्रियंका गाँधी हीं प्रचार के लिए रामनगर पहुँची थीं .लेकिन बावजूद इसके इस सीट पर राजनीति के जानकार कांटे की टक्कर बता रहें हैँ. हालांकि अनिल बलूनी और गणेश गोदियाल अपनी अपनी जीत के दांवे कर रहें हैँ, लेकिन किस्मत किसकी करवट लेती हैँ इसका फैसला 4 जून को हीं हों पता चल पाएगा.

पुरुषों के बजाय महिलाओं में वोटिंग को लेकर दिखा उत्साह

18वीं लोकसभा के लिए 19 अप्रैल को हुए मतदान में पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मतदान को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला.गढ़वाल लोकसभा सीट पर पुरुषों की तुलना में 41,840 महिलाओं नें अधिक मतदान किया. उधर महिलाओं के मतदान में बढ़चढ़ कर की गई हिस्सेदारी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के अपने हीं तर्क हैँ. गढ़वाल लोकसभा सीट से भाजपा के सह-प्रभारी रहें हेमंत द्विवेदी का कहना हैँ कि महिलाओं में पीएम मोदी के प्रति हमेशा से हीं विशेष लगाव रहा हैँ और इस बार भी मातृशक्ति नें बढ़चढ़ कर उन्हीं के नाम पर मतदान किया हैँ.उधर दूसरी ओर कांग्रेस नेता सूर्यकान्त धस्माना का कहना हैँ कि इस बार मोदी मैजिक पूरी तरह से फेल रहा और महिलाओं नें एक तरफ़ा कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया हैँ.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा भी नहीं बढ़ा पाई कोटद्वार में वोटिंग प्रतिशत

भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के समर्थन में 16 अप्रैल को कोटद्वार के दुर्गापुरी में केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के स्टार प्रचारक अमित शाह भी जनसभा को सम्बोधित करने पहुँचे थे. जनसभा में पहुंची भीड़ को देखकर एक बार तों ऐसा लगा कि कोटद्वार विधानसभा में लोकसभा चुनाव के दौरान हुए मतदान के पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने जा रहें हैँ लेकिन मतदान के बाद ज़ब तस्वीर सामने आई तों उसने सभी को चौका कर रख दिया. दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव में कोटद्वार में हुए 63.56 फीसदी मतदान के आस-पास भी 2024 का मतदान का प्रतिशत नहीं पहुँच पाया और यह 58.50 पर हीं सिमट कर रह गया. इतना हीं नहीं जिस जगह केद्रीय मंत्री अमित शाह की जनसभा हुईं वहां तों मात्र 47.52 और 47.66 फीसदी मतदान हीं हों पाया,हालांकि इन जगहों पर कम मतदान के पीछे क्या वजह रहीं इसको लेकर भाजपा आने वाले दिनों में मंथन करेगी लेकिन इसी कोटद्वार विधानसभा के बूथ संख्या 92 के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सत्ती चौड़ में बम्पर मतदान हुआ और यहां आंकड़ा 71 फीसदी से अधिक रहा.

पीएम मोदी सहित अमित शाह और राजनाथ सिंह नें ली गढ़वाल लोकसभा सीट की गारंटी

भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के पक्ष में प्रचार करने आए पीएम मोदी नें ऋषिकेश गृहमंत्री अमित शाह नें कोटद्वार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नें गौचर में विशाल जनसभाओं को सम्बोधित किया. इन जनसभाओं में सभी नेताओं नें एक हीं बात कहीं कि अनिल बलूनी को जीता कर गढ़वाल लोकसभा की जनता भेजें और उसके बाद यहाँ के विकास की गारंटी उनकी हैँ. प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षा मंत्री की मतदाताओं से की गई इस अपील का अब कितना असर हुआ यह तों आगामी 4 जून का समय हीं बताएँगा ज़ब इस सीट के परिणाम भी सामने होंगे, लेकिन जिस प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल के सामने चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी नें अपनें प्रत्याशी अनिल बलूनी के लिए पूरी ताकत झोंकी उसने गणेश गोदियाल का राजनीतिक कद पूरे देश के सामने ला दिया हैँ, जिसका फायदा उन्हें कांग्रेस के अंदर तों होगा हीं साथ हीं राष्ट्रीय राजनीति में भी उनका चेहरा उभर कर सामने आयेगा.