सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले दूसरे सीएम बने नवीन पटनायक, इस सीएम का तोड़ा रिकॉर्ड

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नाम एक नई उपलब्धि जुड़ गई है. पटनायक रविवार (23 जुलाई) यानि आज ही 23 साल और 139 दिनों के कार्यकाल के साथ भारत में किसी राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले दूसरे मुख्यमंत्री बन गए हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.

सीएम पटनायक अब सिक्किम के पवन कुमार चामलिंग के बाद दूसरे स्थान पर हैं, जिनके पास दिसंबर 1994 और मई 2019 के बीच 24 साल और 166 दिनों के सबसे लंबे समय तक राज्य का नेतृत्व करने का रिकॉर्ड है. वहीं पूर्व सीएम बसु ने लगातार 23 सालों तक पूर्वी राज्य पर शासन करने के बाद 2000 में पद छोड़ दिया था. जबकि चामलिंग मई 2019 में हिमालयी राज्य में विधानसभा चुनाव हार गए.

पटनायक चामलिंग का रिकॉर्ड भी कर सकते हैं ध्वस्त

साल 1997 में जब नवीन पटनायक अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की मौत के बाद राजनीति में आए तो उनके विरोधियों और शुभचिंतकों ने उन्हें नौसिखिया कहकर खारिज कर दिया था. अगर बीजू जनता दल (बीजेडी) ओडिशा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता में लौटती है तो पटनायक देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बनने की राह पर होंगे.

 

नवीन पटनायक कों कम बोलने वाले नेता के तौर पर मिली हैँ पहचान

बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक भारतीय राजनीति के ऐसे चेहरे हैं, जो मीडिया के सामने बोलते कम हैं, लेकिन पिछले 23 साल में ओडिशा का कायाकल्प करने में उन्होंने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा है. नवीन पटनायक एक तरह से भारतीय राजनीति के मौन साधक हैं, जिनका राजनीतिक बयानबाजी से नाता बहुत ही कम रहा है.

नवीन पटनायक भारत के ऐसे राजनेता हैं, जो मीडिया में कम दिखते हैं, लेकिन अपना काम बेहद ही शांतिपूर्ण तरीके से करते हैं. उनकी छवि ऐसे नेता के तौर पर है जो अपने विरोधियों पर बयानों से हमला नहीं करते हैं, बल्कि अपनी राजनीतिक सोच बड़े ही साफगोई अंदाज में अंजाम देने पर यकीन करते हैं. यहीं वजह है कि नवीन पटनायक के ओडिशा की राजनीति में खुलकर आने के बाद वहां कोई और दूसरी पार्टी पनप नहीं सकी है.

 

बीजू जनता दल का किया गठन 

पिता की मौत के बाद अस्का लोकसभा सीट से उन्होंने उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की. बाद में बीजेपी की मदद से नवीन पटनायक जनता दल से अलग हो गए और अपनी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) का गठन किया. अगले साल लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन किया और पटनायक प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में इस्पात और खान मंत्री के रूप में शामिल हुए.

बीजेपी के साथ उनका ये गठबंधन 2009 तक जारी रहा. बाद में अलग राह चुनी. नवीन पटनायक एक मजबूत और लोकप्रिय छवि वाले नेता हैं. उनकी सबसे बड़ी खूबी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की रही है. पटनायक ने अपने मतदाता आधार को बराबर रखने कें लिए हर संभव प्रयास किया हैँ.