मणिपुर में महिलाओं से दरिंदगी का वीडियो 19 जुलाई को सामने आया था. जिस मोबाइल फोन से यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था, वह बरामद हो गया है. इतना ही नहीं, पुलिस ने यह मोबाइल फोन सीबीआई को सौंप दिया है. एजेंसियों के मुताबिक ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जिस फोन से यह घृणित वीडियो लीक किया गया था, उसकी जांच होने के बाद सिलसिलेवार घटनाओं का पता लगाया जा सकेगा. ये केस को सीबीआई को सौंपा जा रहा है. इसके साथ ही इस मामले की सुनवाई मणिपुर के बाहर असम में होगी.
हिंसा की बढ़ती घटनाओं कों देखतें हुए 35 हजार अतिरिक्त फ़ोर्स तैनात
मणिपुर में सेना, CRPF और CAPF के 35000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. जानकारी के मुताबिक सुरक्षाकर्मियों ने मैतेई बहुल घाटी इलाकों और कुकी बहुल पहाड़ी इलाकों के बीच एक बफर जोन बनाया है. भारत-म्यांमार बॉर्डर पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास चल रहे हैं. अब तक मणिपुर-मिजोरम सीमा पर 10 किलोमीटर की बाड़ लगाने का काम पूरा हो चुका है. इसके साथ ही सर्वे का काम युद्धस्तर पर जारी है. कोशिश ये की जा रही है कि पूरे बॉर्डर पर कंटीले तार लगाए जाएं. एजेंसियों को जल्द से जल्द बॉर्डर पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
भारत म्यांमार समझौते पर पुनर्विचार की जरूरत
मणिपुर में पिछले कई साल से भारत और म्यामांर के बॉर्डर में ये समझौता है कि दोनों देशों के लोग 40 किलोमीटर तक बे-रोकटोक आ सकते हैं. ऐसे में अगर म्यामांर से आकर भविष्य में हिंदुस्तान का अवैध नागरिक न बन जाए, इसके लिए सरकार निगेटिव बायोमीट्रिक स्कैन करेगी. इसके तहत जो भी आएगा, उसका बायोमीट्रिक स्कैन होगा. ये आधार के रिकॉर्ड से लिंक किया जाएगा, ताकि ऐसे लोग भारत के फर्जी नागरिक न बन जाएं. सरकार ने आदेश दिए हैं जल्द से जल्द भारत और म्यामांर बॉर्डर पर कंटीले तार लगाए जाएं. इसके तहत मणिपुर और म्यांमार बॉर्डर पर 10 किलोमीटर के दायरे में फेंसिंग की गई है.





