उत्तराखंड
रामनगर से कोटद्वार के बीच रेल लाइन बिछाने की योजना पिछले 27 सालों से ठंडे बस्ते में पड़ी है. 27 साल पहले तत्कालीन रेल राज्य मंत्री सतपाल महाराज ने रामनगर से कोटद्वार तक की रेल लाइन का शिलान्यास किया था, लेकिन इस रेल लाइन पर 27 सालों बाद भी एक इंच काम नहीं हों पाया.
रामनगर से कोटद्वार तक की रेल लाइन बिछाने के जिस ज़ोर शोर के साथ दांवे किए गए इन दांवो की उतनी जल्दी पोल भी खुल गई.वर्ष 1996 में जब सतपाल महाराज रेल राज्य मंत्री थे तब एक बड़ी रेल लाइन रामनगर- कोटद्वार के बीच बिछाने का सर्वे का कार्य का किया गया था. इस बात की गवाही आज भी रामनगर में स्थित रेलवे स्टेशन पर लगा शिलान्यास का पत्थर दें रहा हैँ, लेकिन अफ़सोस गढ़वाल और कुमाऊं की यह महत्वपूर्ण योजना आज भी अधर में लटकी हैँ.लोगो को रामनगर से कोटद्वार तक लंबे समय से लोग रेल चलाने की मांग कर रहें हैँ और इसी कों देखते हुए तत्कालीन रेल राज्य मंत्री सतपाल महाराज नें इसका शिलान्यास भी किया था लेकिन इसके बाद यह योजना कागजों तक ही सिमट कर रह गई.कुमाऊं और गढ़वाल के ज्यादातर लोगों का निवास रामनगर और कोटद्वार में रहा हैँ इसी कों देखते हुए यहाँ के लोग रामनगर से कोटद्वार के बीच सीधी रेल गाड़ी चलाने की मांग करतें रहें हैँ.





