बरेली में कांवड़ियों पर हुए लाठीचार्ज के पांच घंटे बाद ही एसएसपी प्रभाकर चौधरी का तबादला कर दिया गया.शासन की ओर से बीती रविवार की देर रात उनके तबादले का आदेश जारी कर दिया गया. उनकी जगह सीतापुर के एसपी सुशील घुले चंद्रभान को बरेली का एसएसपी बनाया गया है.प्रभाकर के तबादले को जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा निकालने के दौरान हुए बवाल से जोड़कर देखा जा रहा है. 2010 बैच के आईपीएस प्रभाकर चौधरी सादगी और ईमानदार छवि के अलावा अपने तबादलों के लिए भी चर्चित रहे हैं. 13 साल की सेवा के दौरान प्रभाकर चौधरी का 21 बार तबादला किया जा चुका है. वह उत्तर प्रदेश कें करीब 19 ज़िलों में एसएसपी और एसपी रह चुके हैं.बरेली में उन्होंने चार महीने पहले ही पुलिस कप्तान की कमान संभाली थी. अब उन्हें 32वीं पीएसी लखनऊ भेजा गया है.
प्रभाकर चौधरी मूलरूप से अंबेडकरनगर के रहने वाले हैं. उन्होंने बतौर अंडरट्रेनिंग एएसपी नोएडा में जॉइन किया था.इसके बाद उन्हें एएसपी के पद पर ही आगरा, जौनपुर और फिर वाराणसी भेजा गया.कानपुर नगर के एसपी सिटी तक रहे.जनवरी 2015 में प्रभाकर चौधरी को ललितपुर जिले का एसपी बनाया गया.यहां वह 11 महीने तक रहे.ललितपुर के बाद इंटेलिजेंस मुख्यालय में तैनात रहे.प्रभाकर चौधरी देवरिया, बिजनौर, बलिया, बुलंदशहर और कानपुर देहात में बतौर एसपी तैनात रह चुके हैं.वाराणसी, मुरादाबाद, मेरठ और आगरा में एसएसपी रहे.इसी साल मार्च में बरेली के एसएसपी पद पर प्रभाकर का तबादला हुआ था. तब उन्होंने बताया था कि यह उनका 19वां जिला है.मेरठ ही एकमात्र ऐसा जिला है, जहां आईपीएस प्रभाकर चौधरी बतौर एसएसपी एक साल से अधिक रहे.मेरठ में चोरी की गाड़ियों कें लिए प्रसिद्ध सोतीगंज कें कबाड़ी बाजार को भी आईपीएस अधिकारी प्रभाकर चौधरी नें ही बंद कराया था. यह वहीं सोतीगंज बाज़ार था जहाँ देशभर से चोरी हुईं गाड़ियों को काटकर बेच दिया जाता था.
तेजतर्रार IPS अधिकारी प्रभाकर चौधरी को CBI में तैनात करने की उठती रहीं हैँ मांग
NSG कमांडो का कोर्स करने वालें IPS अधिकारी प्रभाकर चौधरी को केंद्र में CBI में तैनात करने की सीबीआई लगातार मांग करती रहीं हैँ. बिना किसी कें दवाब में काम करने वालें प्रभाकर चौधरी की जिस भी ज़िलें में तैनादगी रहीं वहां उन्होंने क़ानून व्यवस्था को मजबूत बनाने कें लिए खुलकर काम किया.मायावती,अखिलेश और योगी आदित्यनाथ कें मुख्यमंत्री काल में IPS अधिकारी प्रभाकर चौधरी हमेशा सत्ता पक्ष और विपक्ष कें नेताओं की आँखों में चुभते रहें, क्योंकि निर्दोष को वह छेड़ते नहीं और गुनहगार हों छोड़ते नहीं वालें मिशन पर हमेशा काम करतें रहें. आईपीएस अधिकारी प्रभाकर चौधरी को ज़ब ज़ब ज़िलों में पोस्टिंग मिली तों उन्होंने अपने कामकाज से सभी को प्रभावित किया और इसी का नतीजा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें अपने कार्यकाल कें दौरान महत्वपूर्ण जिलों में पोस्टिंग में बनाए रखा.
बरेली में हुड़दंग कर रहें कावड़ियों पर बलप्रयोग करना प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफर रहा इस बार वजह
बरेली के जोगीनवादा में कांवड़ा यात्रा निकाली जा रही थी. इस दौरान दो पक्षों के बीच तनाव जैसी स्थिति बन गई.दूसरे पक्ष की महिलाओं ने अपने धर्मस्थल की तरफ से कांवड़ियों का नहीं निकलने देने को लेकर धरना दिया.कांवड़िए इसी रास्ते से यात्रा निकालने पर अड़े हुए थे.डीजे बज रहा था. कांवड़िए डांस कर रहे थे.कोई भी पुलिस अधिकारियों की बातों पर ध्यान नहीं दे रहा था. मौके पर पहुंचे एसएसपी ने माहौल को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी भी कोई नहीं सुन रहा था. इसके बाद गुस्साए एसएसपी ने लाठीचार्ज कर उन्हें वहां से खदेड दिया. इलाके में पुलिस की ओर से इलाके में कानून व्यवस्था बनाने के लिए दो आंसू गैस के गोले भी चलाए गए.गली में खड़े कांवड़ियों पर भी पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई.जबकि कई कांवड़िया को हिरासत में लिया गया. प्रभाकर चौधरी द्वारा क़ानून व्यवस्था बनाएं रखने कें लिए की गई यह कार्यवाही सरकार को अच्छी नहीं लगी और इसका खामीयाजा चौधरी को अपने ट्रांसफर कें रूप में चुकाना पड़ा. क्योंकि सरकार भी नहीं चाहती थी कि जिन कावड़ियों पर वह हेलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा कर रही है उन पर पुलिस लाठी चार्ज करें.उधर दूसरी ओर इस पूरें मामलें पर समाजवादी पार्टी कें अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नें सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार क़ानून व्यवस्था को लेकर फेल साबित हों रहीं हैँ और अधिकारियों को बलि का बकरा बना रहीं हैँ.
बैग टांगकर पहुंच गए थे दफ्तर
प्रभाकर चौधरी सोशल मीडिया और पुलिस विभाग में उस समय चर्चा में आए थे, जब सात साल पहले कानपुर में एसपी का चार्ज लेने पिट्ठू बैग टांगकर रोडवेज बस से एसपी दफ्तर पहुंचे थे.स्टेनो से कहा था कि मैं आ गया हूं, आप सरकारी सिम मुझे दें.पुलिस के स्टेनो हैरान भी हुए कि आप कौन, जो सरकारी सिम मांग रहे हो. उन्होंने अपना परिचय दिया कि मैं नया एसपी प्रभाकर चौधरी. तब उनकी सादगी चर्चा में रही थी.





