उत्तराखंड पुलिस की कमान सँभालते ही नए पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार पूरी तरह एक्शन मोड़ में आ गए है. 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार नें DGP का कार्यभार ग्रहण करतें ही साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में अपराधियों के लिए क़ोई जगह नहीं है, उन्होंने अपराधियों कों साफ संकेत दें दिए है कि या तों उत्तराखंड छोड़ दें या फिर अपराध करना. उत्तराखंड में बतौर कई ज़िलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और रेंज की जिम्मेदारी संभालनें के साथ ही केद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान पैरा मिलिट्री फ़ोर्स के कई अहम पदों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उठा चुके अभिनव कुमार नें स्पष्ट कर दिया है कि जेल के अंदर या बाहर सें जों भी अपराधी आपराधिक घटनाओं कों अंजाम देगा उसके खिलाफ फिर इतनी सख्त कार्यवाही होंगी कि फिर वह सात जन्मों तक अपराध नहीं करने के बारे में सोचेंगा.उत्तराखंड के 12 वें डीजीपी के रूप में बैटन अपने हाथों में लेते ही अभिनव कुमार नें जेल के भीतर सें अपने गैंग कों ऑपरेट करने वालें अपराधियों कों चेतावनी भरें लहजे में साफ संकेत दें दिया है कि उत्तराखंड की जेलें उनके लिए अब पनाह गाह नहीं बनने दी जाएंगी. डीजीपी अभिनव कुमार नें राज्य के सभी 13 जिलों के पुलिस कप्तानों कों निर्देश जारी कर दिए है कि ज़ब भी मासिक अपराध की समीक्षा बैठक की जाए तों इसमें जेल अधीक्षकों कों भी बुलाया जाए ताकि पता चल सकें कि किस महीने कौन-कौन अपराधी जेल सें छूटकर जमानत पर बाहर आए और कौन-कौन लोग इनसे मिलने जेल के भीतर गए.साथ ही उन्होंने जेल सें छूटे सभी अपराधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए है ताकि इनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकें.
पौड़ी जेल में बंद सबसे कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी पर लगाम लगाना बड़ी चुनौती
पश्चिम उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कुख्यात बदमाश सुनील राठी इन दिनों पौड़ी जेल में बंद है. हत्या,लूट, डकैती, फिरौती, अपहरण जैसे दर्जनों संगीन मामलों के आरोपी सुनील राठी पर मुख्तार अंसारी के खास रहे मुन्ना बजरंगी की हत्या का भी आरोप है. 2018 में उसने बागपत जेल में इस कांड को अंजाम दिया था.इसके बाद उसे तिहाड़ जेल शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते 16 अक्टूबर 2022 में उसे तिहाड़ से हरिद्वार जेल लाया गया, लेकिन बाद में यहाँ उसकी जान का खतरा देखते हुए उसे हाई सिक्योरिटी के बीच पौड़ी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है.लेकिन पौड़ी जेल में बंद होंने के बावजूद सुनील राठी के नाम सें कई लोगों सें फ़ोन पर फिरौती मांगी गई, जिसकी जाँच चल रहीं है.उत्तराखंड की जेलों में कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी सें बड़ा बदमाश फिलहाल यहाँ की जेलों में बंद नहीं है, लिहाजा इस कुख्यात गैंगस्टर पर जेल के अंदर नकेल कसना भी बड़ी चुनौती है.उधर उत्तराखंड की जेलों में कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के अलावा कुछ दूसरें गैंगस्टर भी संगीन अपराधों में बंद है, उन पर भी कड़ी निगरानी रखना पुलिस प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है.
एक्शन मोड में नए डीजीपी अभिनव कुमार
डीजीपी अभिनव कुमार का कहना है कि उत्तराखंड को 2025 तक ड्रग्स मुक्त बनाना है और इसके लिए नए सिरे सें प्लानिंग की जा रहीं है.महिलाओं के प्रति अपराध की घटनाओं को पर लगाम लगाने की बात करतें हुए उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास जीतना भी पुलिस की प्राथमिकता में है.साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को जनता के प्रति और संवेदनशील बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.नए डीजीपी नें अपराधियों कों चेता दिया है कि अपराधियों के लिए पुलिस मित्र नहीं बल्कि काल बनेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहतर पुलिसिंग के कॉन्सेप्ट का जिक्र करतें हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर उत्तराखंड की पुलिस को खरा उतरना है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी हमसे काफी अपेक्षाए हैं. डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि ट्रैफिक की समस्याओं को दूर करने पर फोकस किया जाएगा.





