5 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की इंतेहा, शरीर को नाखूनों से नोंचा, मुंह दबाकर मार डाला था, मां बोली- मेरी बच्ची बहुत तड़पी होगी।

ब्यूरो चीफ सुरेश भाटी की रिपोर्ट

बुलन्दशहर,यूपी। 23 अप्रैल को बुलंदशहर में एक 5 साल की बच्ची की रेप के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अब वहशीपन की पूरी कहानी सामने आई है। उसके प्राइवेट पार्ट बुरी तरह से डैमेज थे। पूरे शरीर को नाखूनों से नोचा-खरोंचा गया था। यही नहीं, होंठ पर भी दांत के निशान थे। रिपोर्ट के अनुसार दम घुटने से बच्ची की मौत हुई है। यानी दुष्कर्म के दौरान दरिंदे ने बच्ची का मुंह और नाक दबा दिया जिससे वह चीख न सकी। इसी दौरान उसकी जान निकल गई।

कब और कहां हुई घटना


घटना जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। 5 साल की बच्ची रविवार शाम करीब 8 बजे घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान पड़ोसी युवक बच्ची को खिलाने के बहाने अपने घर लेकर गया। उसने कमरे में बंद करके बच्ची के साथ दरिंदगी की और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। बच्ची का शव लहूलुहान हालत में परिजनों ने रात 10 बजे के करीब बरामद किया।

इसके बाद परिजन और ग्रामीणों ने कोतवाली के बाहर हंगामा कर दिया। परिजनों ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा और पुलिस को सौंप दिया। उसके बाद परिजन उसे फांसी देने की मांग पर अड़ गए। करीब दो घंटे तक हंगामा किया।

सूचना पर एसपी देहात बीबी चौरसिया, सीओ अन्विता उपाध्याय पुलिस फोर्स के साथ पहुंचीं। अधिकारियों ने परिजनों को रेप और हत्या के आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही। जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजन शांत हुए और मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

एटी समाचार की टीम जहांगीराबाद के उस गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची। घर के बरामदे में बच्ची की मां बेटी को याद करके रो रही थी, चीख और चिल्ला रही थी। किसी तरह उनकी ननंद ने उन्हें संभाला। इसके बाद वह कुछ बोल पाने की स्थिति में आईं। वही जब एटी समाचार के रिपोर्टर ने बच्ची की मां और बुआ से मासूम के साथ हुई हैवानियत व बर्बरता के बारे में पूछा तो उन्होंने पूरी कहानी बताई।


वही बच्ची की माँ ने बताया कि “रात के करीब 8 बजे होंगे। उस दिन मेरी बच्ची छत पर सो रही थी। मैं नीचे किचन में चावल बना रही थी। पास की दुकान से दही लेकर आई थी, सोचा था कि मां-बेटी आज दही और मसाले वाले चावल खाएंगे। थोड़ी देर बाद मैं छत पर गई तो वहां बेटी चारपाई पर नहीं थी।

पता किया तो मोहल्ले के लोगों ने बताया कि थोड़ी देर पहले पड़ोसी के घर के सामने खेल रही थी। मुझे लगा खेलते-खेलते पड़ोसी के घर चली गई होगी तो उसके घर पर भी पता किया लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया।”

बच्चे को अंदर भेजकर पड़ोसी का गेट खुलवाया


इसके बाद मैंने घर वालों के साथ बेटी को मोहल्ले में ढूंढना शुरू किया। कई लोगों से पूछा लेकिन कुछ पता नहीं चला। मेरी बेटी को पूरे मोहल्ले के लोग ढुढ़वा रहे थे लेकिन पड़ोस का लड़का फहीम कहीं नजर नहीं आ रहा था। इसके बाद मेरी ननंद ने पड़ोस का दरवाजा खटखटाया तो किसी ने गेट नहीं खोला।

झांककर देखा तो पड़ोसी का गेट अंदर से बंद था। ननंद ने मोहल्ले के एक बच्चे को बुलाकर बाउंड्री पर चढ़ाया और अंदर से गेट खुलवाया। अब 9 बज चुके थे, अंधेरा ज्यादा हो चुका था और बिजली भी नहीं आ रही थी। इसलिए मोबाइल की टॉर्च के सहारे हम लोगों ने पड़ोसी के कई कमरे और आंगन को चेक किया लेकिन बच्ची नहीं मिली।

पड़ोसी अंदर से बोला- चले जाओ, कमरे में कोई नहीं है


इसके बाद फहीम को आवाज लगाई, तो वह बाहर की तरफ बने कमरे में अंदर था। लेकिन दरवाजा नहीं खोल रहा था। वह कहता रहा कि यहां से चले जाओ, कमरे में कोई नहीं हैं। इस पर शक गहराया। इसके बाद घर वालों ने दरवाजे को तोड़ दिया। अंदर एक चारपाई पड़ी थी, उसके नीचे खून पड़ा था। ऊपर फहीम लेटा हुआ था।

नीचे झांककर देखा तो देखा नहीं गया। वो खून मेरी फूल सी बच्ची का था, बच्ची के तन पर कपड़ा नहीं था। उसके प्राइवेट पार्ट से खून रिस रहा था। पैंरों की हड्डियां टूटी हुई थीं। चेहरे पर नाखून से नोचने के निशान थे। होंठ दांतों से काटे गए थे। ये देखते ही मैं बेहोश हो गई।

मां बोली- पड़ोसी का घर देखती हूं तो बेटी याद आती है


मां ने बताया, “मेरी फूल सी बेटी को उस दरिंदे फहीम ने मार डाला। उसने बच्ची के साथ हैवानियत की। वह उस वक्त नशे में धुत था। कभी सोचा नहीं था कि वो मेरी बच्ची के साथ ऐसा करेगा। मेरी बेटी बहुत रोई होगी, चीखी होगी, चिल्लाई होगी। लेकिन उसने नहीं छोड़ा। न जाने कितनी मुश्किलों में मेरी बेटी की जान निकली होगी। वह बहुत तड़पी होगी। उसने मुझे पुकारा होगा लेकिन दरिंदे ने उसे मार डाला।

मुझे न्याय चाहिए, पड़ोस का घर मेरे सामने जैसे ही आता है तो मुझे मेरी बेटी याद आती है। इस घर पर बुलडोजर चलना चाहिए। उस दरिंदे को फांसी होनी चाहिए, तभी मेरी बच्ची की रूह को शांति मिलेगी।” फिलहाल आरोपी के घर पर ताला लगा हुआ है। उसके परिवार के बाकी लोग फरार हैं।

बुआ बोली- 15 दिन पहले फहीम अपनी भतीजी से कर चुका था छेड़छाड़


वही बच्ची की बुआ ने बताया, “शाम के 8 बज रहे होंगे। भाभी गेट पर खड़ी थीं। मैने पूछा तो बताया कि बच्ची को खोज रही हूं, कहीं नजर नहीं आ रही है। ऊपर सो रही थी, उसके बाद खेलते हुए नीचे आई थी। मैंने सोचा पास पड़ोस में खेलते खेलते सो गई होगी तो पड़ोस के घर में ही पहले खोजने लगे। उस समय पड़ोसी के आंगन में देखा तो नजर नहीं आई। इसके बाद पूरे मोहल्ले में देखा गया लेकिन नहीं मिली। मस्जिद से एनाउंस कराया लेकिन कुछ पता नहीं चला। लौटे तो पड़ोस का दरवाजा बंद था।

पड़ोसी फहीम 15 दिन पहले अपनी भतीजी के साथ छेड़छाड़ कर चुका था इसलिए उस पर शक होने लगा। वह कमरे में था और दरवाजा नहीं खोल रहा था। बाकी कमरे को तो हम लोग खंगाल चुके थे। फहीम का ही कमरा रह गया था। वही हुआ जिसका डर था। किसी तरह दरवाजा तुड़वाकर अंदर गए तो चारपाई के नीचे किसी बच्ची के पैर नजर आए।

झांककर देखा तो मेरी भतीजी ही मरी पड़ी थी। फहीम जो अपनी भतीजी के साथ नहीं कर पाया था उसने मेरी भतीजी के साथ कर डाला। उसने उसे जानवरों की तरह नोच डाला। उसका कोई अंग नहीं छोड़ा जहां उसने नोचा न हो। ऐसे दरिंदे को जल्द से जल्द फांसी होनी चाहिए।”

पूरे शरीर को दांतों से नोंचा, पैरों की हड्‌डियां तोड़ दी


डॉक्टरों ने 5 साल की बच्ची का पोस्टमॉर्टम किया तो वे भी हैरान रह गए। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट को बुरी तरह चोट पहुंचाई गई है। उस पर 15 जगहों पर टांके आए हैं। बुरी तरह ब्लीडिंग हुई है। इसके अलावा उसके चेहरे को नाखूनों से नोचा गया। पेट, गला और सीने पर दांतों से काटने के कई निशान मिले हैं।

चेहरे को 12 से 15 जगहों पर नोंचा गया है। इसके अलावा पीठ और कमर के नीचे भी नोचा गया है। दोनों पैरों की हडि्डयां भी टूटी मिली हैं। इसके बाद गला दबाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची की मौत के काफी देर तक खून बहता रहा। जो बाद में सूख गया था।

पहली पत्नी छोड़ गई तो आरोपी ने की थी दूसरी शादी


घटना के बारे में गांव के लोगों ने बताया कि फहीम की उम्र 30 साल के आसपास होगी। उसने दो शादियां की थीं। पहली शादी 5 साल पहले हुई थी लेकिन वह नशेड़ी है। पत्नी को परेशान करता था। उसके साथ मारपीट करता था। इसलिए वह उसे छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने 3 साल पहले दूसरी शादी की थी। आरोपी के घर में उसके माता-पिता, भाई भाभी और उनके दो बच्चे हैं। वारदात के बाद से फिलहाल पूरा परिवार फरार है। उसके मकान के गेट पर ताला लगा है।

फिलहाल पीड़िता के घर पर उसकी मां के अलावा 8 साल का बड़ा भाई, पिता, दादा और दादी के अलावा कई रिश्तेदार हैं। सभी के मन में बेहद गुस्सा है। सभी ने आरोपी को जल्द फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। आरोपी जेल में है। पीड़िता के घर के बाहर पुलिस तैनात है। अब देखना है कि किया मासूम बच्ची के परिवार को बुलंदशहर शासन प्रशासन न्याय दिला पाती हैं या अपराधियो के हौसले बुलंद होते रहेंगे।

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