वरिष्ठ पत्रकार एल.एन.सिंह की रिपोर्ट
प्रयागराज,up: हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के ऐतिहासिक लाइब्रेरी हाल में ‘‘चौरी-चौरा निर्णय के 100 साल’’ विषय एक कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हुआ जिसके मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी के साथ-साथ न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव, न्यायमूर्ति दिनेश पाठक, न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी, डॉ बीरेन्द्र जायसवाल, प्रो रवि प्रकाश तिवारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथिगण द्वारा मॉ सरस्वती व महामना पं मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्जवलन व वन्दे मातरम् से की गयी। तत्पश्चात महासचिव नितिन शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल को पुष्प गुच्छ एवं संयुक्त सचिव प्रेस अमरेन्दु सिंह द्वारा विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी का मार्ल्यापण व पौधा भेंटकर स्वागत व अभिनन्दन किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक मेहता ने अपने उद्बोधन से कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथिगण का स्वागत किया व महामना पं. मदन मोहन मालवीय जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात अतिथिगणा द्वारा चौरा-चौरा पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इतनी बड़ी संख्या में निचली अदालतों के द्वारा सजा दिए गये लोगों ने मा उच्च न्यायालय में अपील करके सजा में कमी करवाना बहुत ही कठिन कार्य है। चौरी-चौरा काण्ड को याद करते हुए सभी शहीदो को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किये। उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि मा न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने अपने सम्बोधन में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष/महासचिव एवं सम्पूर्ण कार्यकारिणी के सदस्यों सहित कार्यक्रम में उपस्थित सभी माननीय न्यायमूर्तिगण व अतिथिगण को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुझे इस अवसर पर बोलने का मौका मिला। उन्होंने विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि 100 वर्ष पूर्व आज ही के दिन इस जंग में अपनी जीत हासिल करने वाले शहीदों को भुलाया नही जा सकता। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने आगे कहा कि चौरी-चौरा काण्ड के बारे में हमने स्कूलों में पढ़ा था जिसका निर्णय इसी मा उच्च न्यायालय के द्वारा दिया गया था।
अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हम हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के 150 वीं वर्षगॉठ के साथ-साथ चौरी-चौरा निर्णय के 100 वर्ष पूर्ण होने पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है जो हमारे लिए बहुत गौरव की बात है। महामना ने प्रयागराज में भी कई संस्थाओं का निर्माण किया जो आज के समय जनहित के लिए बहुत लाभदायक है। वर्ष 1901 में प्रयागराज के हृदय स्थल पर स्थापित पं मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी कालेज (हिन्दू छात्रावास) जो महामना की प्रथम व स्वर्णिम कृति है, आज भी अलौकिक रूप में विद्यमान है और प्रयागराज को गौरवान्वित कर रहा है।
महासचिव नितिन शर्मा ने अपने सम्बोधन में कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं सभी सम्मानित अधिवक्ताओं को धन्यवाद व आभार प्रकट करते हुए कहा आज का दिन बहुत बड़ा दिन है। आज ही के दिन इतिहास रचा गया था। पं मदन मोहन मालवीय जी के द्वारा चौरी-चौरा निर्णय के 100 वर्ष पूर्ण होने पर क्रान्तिकारी इतिहास पुनः जीवंत हो उठा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह एवं संचालन हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र (अजय जय हिन्द) द्वारा किया गया।
उक्त अवसर पर स्वर्ण लता सुमन (उपाध्यक्ष), सर्वेश कुमार दुबे (संयुक्त सचिव, प्रशासन), अमरेन्दु सिंह, (संयुक्त सचिव प्रेस), अंजना चतुर्वेदी (संयुक्त सचिव, महिला), आशीष कुमार मिश्र (कोषाध्यक्ष), अभ्युदय त्रिपाठी, विनोद राय, अमित कुमार पाण्डेय, अरविन्द कुमार सिंह, सुधीर कुमार केसरवानी (एस के केसरवानी) एवं अनिल प्रताप सिंह (कार्यकारिणी सदस्यगण) सहित सर्वश्री शिव कुमार पाल, शासकीय अधिवक्ता, मनोज सिंह, विजय शंकर, गगन मेहता सहित बड़ी संख्या उपस्थित रहे।
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