कोटद्वार में मंगलवार रात को हुईं भारी बारिश नें चारों तरफ तबाही मचा दी हैँ. आसमान सें बरसी इस आफत नें छोटे बड़े पुलों को ध्वस्त करने कें साथ ही कई घरों को भी ज़मीदोंज कर दिया. अवैध खनन और कुदरत नें कोटद्वार में कुछ इस कदर कहर बरपाया कि लोग सड़कों पर आ गए है. आसमान सें बरसी आफत नें कहर बरपातें हुए पूरे कोटद्वार में जमकर तबाही मचाई. भारी बारिश कें बाद उफ़नाए नदी नालों नें कोटद्वार में शायद ही क़ोई ऐसी जगह हों जहाँ तबाही ना मचाई हों. उफ़नाएं गिवांई स्रोत नाले में GMOU कम्पनी की दो बसें बह गईं,जबकि ज़ामुन स्रोत में भी दो गाड़ियों कें बहने की सूचना हैँ.
40 हजार की आबादी को जोड़ने वाला गाड़ीघाट का मोटर पुल ढहने की कागार पर
कोटद्वार की घनी आबादी वाले लालपानी, सनेह,रतनपुर, कुम्भीचौड़ कें साथ ही दूसरे गाँवों की 40 हजार की आबादी को जोड़ने वाला गाड़ीघाट का मोटर पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हों गया हैँ. गाड़ीघाट कें पुल की एप्रोच को खोह नदी कें उफान नें बुरी तरह सें क्षतिग्रस्त कर दिया है. इस पुल की एक ओर की अप्रोच को खोह नदी कें उफान नें अंदर सें खोखला कर दिया हैँ जिसके कारण इस पर आवागमन पूरी तरह सें बंद कर दिया गया हैँ.
काशीरामपुर तल्ला में आधा दर्जन पक्के घर बहा लें गई खोह नदी
मंगलवार रात को हुईं भारी बारिश कें दौरान काशीपुर तल्ला कें आधा दर्जन घरों को तबाह करतें हुए खोह नदी उन्हें अपने साथ बहा लें गई.काशीरामपुर तल्ला निवासी सीता देवी,सुशीला देवी,संगीता देवी और ईनाम अली नें अपनी आप बीती सुनाते हुए कहा कि मंगलवार रात को भारी बारिश कें कारण उनके घर भर-भरा कर टूट गए और उफ़नाई खोह नदी घर कें सारे सामान सहित उनको अपने साथ बहा लें गई.नगर निगम कें वार्ड नंबर 10 निवासी संगीता देवी नें तों अपनी लड़की की शादी कें लिए पाई-पाई जोड़कर उसके लिए सामान और ज़ेवर ख़रीदे थे,लेकिन शादी सें पहलें ही खोह नदी सब कुछ तबाह कर उसे भी अपने साथ बहा लें गई.पीड़ित परिवारों कें अनुसार उनके तन पर जों कपड़े रह गए बस वहीं उनके पास बचें हैँ बाकी सारा सामान उफ़नाई खोह नदी में बह गया हैँ.
मालन नदी पर बना पौने दो करोड़ का वैकल्पिक मार्ग भी हुआ ध्वस्त
मालन नदी पर पुल टूटने कें बाद भाबर क्षेत्र को जोड़ने के लिए पौने दो करोड़ की लागत सें एक वैकल्पिक मार्ग भी मालन नदी पर बनाया गया था लेकिन भारी बारिश कें बाद नदी में आया उफान उसे भी होने साथ बहा लें गया. इतना ही नदी सुखरों नदी भी इसके किनारे रह रहें लोगों की रातों की नींद लगातार हराम किए हुए हैँ और वह भी लगातार आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहीं हैँ.
पनियाली गदेरे नें फिर सें मचाई तबाही, घरों दुकानों में घुसा मलबा
कोटद्वार शहर कें लिए नासूर बन चुके पनियाली गदेरे नें मंगलवार रात को फिर सें तबाही मचा दी. गदेरे में आए उफान का मलबा देवी रोड स्थित कई दुकानों और घरों में घुस गया. यहीं हाल इस नाले सें लगें कौड़िया सूर्यनगर में भी देखने को मिलें जहाँ लोगों कें घरों में मलबा घुस गया और यहां भी इसने लोगों का लाखों का नुकसान किया, उधर दूसरी ओर भारी बारिश कें कारण नेशनल हाईवें संख्या 534 भी कोटद्वार दुगड्डा कें बीच कई स्थानों पर 18 घंटे सें बंद हैँ,जिसके कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैँ.
कोटद्वार में कुदरत कें कहर कें आगे चारों तरह लोग बेबस नजर आ रहें हैँ.भारी बारिश कें बाद हुए नुकसान का एसडीएम कोटद्वार प्रमोद कुमार नें जगह-जगह मौक़े पर नुकसान का जायजा लिया हैँ, जबकि प्रभावित कुछ लोगों को राहत शिविरों में ठहराया हैँ.उधर दूसरी ओर पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी नें भी कोटद्वार में जगह-जगह हुए नुकसान का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी सें तत्काल प्रभावितों को उचित मुआवजा देनें की मांग की हैँ.
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