कॉर्बेट के जंगलों में वन्यजीवों की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों पर होगी कार्रवाई
देहरादून । कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और इसके आसपास के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की तस्वीरें और वीडियो मोबाइल फोन में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ अब वन विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है.संवेदनशील वन क्षेत्रों की लोकेशन और वन्यजीवों से जुड़ी गतिविधियों को सार्वजनिक करने वाली रील्स एवं वीडियो पर विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है.
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने इस संबंध में सख्ती के संकेत दिए हैं.रिजर्व प्रशासन सोशल मीडिया पर सामने आ रहे ऐसे वीडियो और रील्स की निगरानी कर रहा है, जिनमें संवेदनशील वन क्षेत्रों को दिखाया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक ऐसे कंटेंट से वन्यजीवों की सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों की गोपनीयता प्रभावित होने का खतरा रहता है.
दरअसल, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोनों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर भी पहले से सख्त नियम लागू हैं.सुप्रीम कोर्ट के 17 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में कॉर्बेट के पर्यटन जोनों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू किया गया है.रिजर्व प्रशासन ने पर्यटकों को सफारी के दौरान मोबाइल फोन साथ नहीं लाने और प्रवेश द्वार पर उपलब्ध लॉकर में जमा कराने के निर्देश दिए हैं.
वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों को देखने और उनकी तस्वीरें लेने के नाम पर ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए, जिनसे जानवरों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके सुरक्षित आवास या जंगल की संवेदनशीलता पर असर पड़े.सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के वायरल होने के बाद उस स्थान की पहचान सार्वजनिक होने से वहां अनावश्यक भीड़ और मानवीय दखल बढ़ने की आशंका भी रहती है.
कॉर्बेट प्रशासन द्वारा अब ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.वन्यजीव संरक्षण को लेकर विभाग ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करने की अपील की है.




