बडोली गांव में पिंजरे में कैद हुआ दहशत का पर्याय बना गुलदार, ग्रामीणों ने हेमंत द्विवेदी का जताया आभार
यमकेश्वर. जनपद पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के बडोली गांव में पिछले कई दिनों से ग्रामीणों के लिए भय का कारण बने गुलदार को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया है.सात सितंबर को गुलदार ने गांव की एक महिला पर हमला किया था, जिसके बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था.लगातार निगरानी और करीब 26 दिनों की मशक्कत के बाद गुलदार पिंजरे में फंस गया.
गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने राहत की सांस ली. बाद में वन विभाग की टीम ने गुलदार को अपने कब्जे में लेकर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया.
इस मामले को लेकर भाजपा नेता एवं यमकेश्वर ब्लॉक के खोबरा गांव निवासी हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बडोली गांव में गुलदार की लगातार सक्रियता और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों कों आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.उनके निर्देश के बाद गांव में पिंजरा लगाया गया और वन विभाग की टीम लगातार गुलदार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी.
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि गुलदार के पकड़े जाने से गांव के लोगों को राहत मिली है. उन्होंने वन विभाग की टीम द्वारा की गई लगातार निगरानी और प्रयासों की भी सराहना की.
वहीं, गुलदार के पकड़े जाने के बाद बडोली गांव के ग्रामीणों ने भी राहत जताते हुए हेमंत द्विवेदी का आभार व्यक्त किया. ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार की मौजूदगी के कारण महिलाएं और ग्रामीण जंगल की ओर जाने में भी डर रहे थे.अब गुलदार के पकड़े जाने के बाद गांव में सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है.
वन विभाग के अनुसार पकड़ा गया गुलदार करीब चार वर्ष का नर है और उसे रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया हैं.






