नई दिल्ली, 24 अक्टूबर! हिमांशु बडोनी!
भारत में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की अमेरिका में गिरफ्तारी को संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों को अमेरिका के लास वेगास में 22 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया.इस कार्रवाई में हरियाणा एसटीएफ से मिले इनपुट के आधार पर अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE की मदद लिए जाने की बात सामने आई है.
हत्या, अपहरण और रंगदारी के मामलों में वांछित
हिमांशु भाऊ हरियाणा और दिल्ली पुलिस की मोस्ट-वांटेड सूची में शामिल रहा है.उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज होने की रिपोर्ट है.उसके खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था.जांच एजेंसियों को आशंका रही है कि वह विदेश में रहते हुए अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था.
नीरज फरीदपुरिया का भी लंबा आपराधिक इतिहास
नीरज फरीदपुरिया का नाम भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आया है.मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसके खिलाफ 25 से अधिक मामले दर्ज हैं.वर्ष 2015 में उसे हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जबकि 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी.उसके खिलाफ अन्य मामलों में आरोपों और उनकी मौजूदा कानूनी स्थिति का निर्धारण संबंधित अदालती रिकॉर्ड से होगा.
भारत वापसी पर टिकी निगाहें
दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब भारतीय एजेंसियों की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है.रिपोर्टों के मुताबिक, हरियाणा एसटीएफ अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है, ताकि दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके.
हालांकि, भारत वापसी तत्काल सुनिश्चित नहीं मानी जा सकती.इसके लिए अमेरिकी कानूनों के तहत आवश्यक प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पूरी होना जरूरी होगा.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद दोनों को भारत कब लाया जाएगा और उनके खिलाफ लंबित मामलों में आगे क्या कार्रवाई होगी.






