वरिष्ठ पत्रकार एल.एन.सिंह की रिपोर्ट
प्रयागराज,यूपी: माफिया अतीक के बेटे अली अहमद का कथित पत्र वायरल होने से खलबली मच गई है। निकाय चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि इस पत्र को अमृत विचार पुष्टि नहीं करता है। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पत्र में सपा और बीजेपी के खिलाफ निकाय चुनाव में मतदान की अपील की जा रही है।
वायरल पत्र में अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड के लिए बीजेपी और सपा को जिम्मेदार ठहराया गया है। बताया जा रहा है कि यह पत्र नैनी सेंट्रल जेल में बंद अली अहमद के नाम से जारी हुआ है। पत्र में माफिया अतीक और अशरफ की फोटो भी लगाई गई है। पत्र में किसी दल का समर्थन तो नहीं किया गया है लेकिन सपा और बीजेपी का विरोध का जिक्र किया गया है।
वही वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया कि जेल में अली बन्द है। उससे किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। जो पत्र जा जारी हुआ है। उससे जेल के कोई लेना देना नहीं है। हो सकता है अली के नाम पर बाहर से कोई छपवाकर जारी किया हो।
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