✍???? देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट
भोपाल,एमपी। भारत का हृदयप्रदेश कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में अनेक प्रसिद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल हैं। राजधानी भोपाल से लगभग 70 किलोमीटर दूर यहां पहाड़ी के ऊपर विजयसन माता अपने आलौकिक रूप में विराजमान है।
वही लगभग 1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध देवीधाम के बारे में ऐसी मान्यता है कि माता बिजासन देवी के इस मंदिर में जो भी भक्त मनोकामना लेकर आता है वह अवश्य ही पुर्ण होती है। यहां पर स्थानीय लोगों के अलावा दूरस्थ क्षेत्रोँ से पर्यटक घूमने एवं इस प्राचीन मन्दिर के दर्शनार्थ आते हैं।
मध्यप्रदेश में स्थित अन्य कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है जिनमें सलकनपुर का बहुत ही विशेष महत्व है।

प्राकृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत सुंदरता समेटे हुए यहां का दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
इस मन्दिर में विजयासन माता कि सुंदर मूर्ति है। प्रतिवर्ष नवरात्रि के चलते हजारों कि संख्या में श्रद्धालूओं का आना होता है। इसके अतिरिक्त पहाड़ी पर धन कि देवी लक्ष्मी, मां सरस्वती और भैरव देव का भी मंदिर स्थित है।
1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुँचने के लिए पहले सिर्फ सीढ़ियां ही थी। लेकिन समय के साथ यहां पर वाहन मार्ग और रोपवे भी बना दिया गया है, जिसकी मदद से माता के दर्शन के लिए जाया जा सकता है। यहां सीढ़ियां, रोपवे और वाहन से आ सकते हैं।

आने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर सुबह 6 बजे से खोल दिया जाता है एवं रात के 10 बजे तक खुला रहता है। भक्तों को किसी भी समय मन्दिर में दर्शनों की सुविधा प्राप्त है।
किया है मंदिर का धार्मिक महत्व

मंदिर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के बारे में बात करें जो काफी दिलचस्प है । 300 साल पुराने मन्दिर का निर्माण पशुओं का व्यापार करने वाले बंजारों द्वारा करवाया गया था। एक दिन उनके यहाँ ठहरने के दौरान अचानक उनके पशू गायब होने लगे ढूंढ़ने पर रस्ते में एक छोटी सी कन्या मिली।
बंजारों ने उससे कहा की हमारे पशु खो गए है तो उसने कहा कि यहां माता के स्थान पर मनोकामना पूर्ण होती है। हमें नहीं पता कि यहां पर माता का स्थान कहां पर है। बंजारों के यह कहने पर कन्या ने एक पत्थर फेंककर बंजारों को संकेत दिया। तत्पश्चात् सभी को माता के दर्शन प्राप्त हुए। यहां माता की पूजा बंजारों द्वारा करने के बाद गुमे हुए पशू मिल गए। मनोकामना पूर्ण होने पर बंजारों ने यहां पर मंदिर बनवाया था। तब से लोगों में इस मंदिर की मान्यता काफी ज्यादा है। यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती हैं।
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