1. पाकिस्तान में चरमपंथ से जुड़े हाल में कुछ ऐसे हमले हुए हैं जिनकी ज़िम्मेदारी एक ऐसे अनजान से संगठन ने क़बूल की है जिसके बारे में सरकारी अधिकारी और यहां तक कि अवैध घोषित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के पदाधिकारी भी कुछ नहीं जानते या शायद बताने से बच रहे हैं.

    विश्लेषक इसे एक रहस्यमय संगठन क़रार दे रहे हैं और उनका मानना है कि इस संगठन के प्रवक्ता इन हमलों की ज़िम्मेदारियां तो क़बूल करते हैं लेकिन वह अपने संगठन की संरचना के बारे में कुछ नहीं बताते.

    इस संगठन का नाम तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान बताया जा रहा है और कुछ दिन पहले पाकिस्तान के बलूचिस्तान राज्य के मुस्लिम बाग़ इलाक़े में एफ़सी (फ़्रंटियर कांसटेबुलरी) कैंप पर हमले की ज़िम्मेदारी इसी संगठन ने क़बूल की थी.

    सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) के अनुसार इस हमले के बाद तुरंत कार्रवाई की गई और पूरे क्षेत्र को चरमपंथियों से साफ़ कर दिया गया. इस हमले में छह हमलावरों को मार दिया गया था और इस दौरान कैंप में मौजूद छह सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे. आईएसपीआर के अनुसार हमलावर आधुनिक हथियारों से लैस थे.

    यह संगठन इससे पहले चमन, बोलान, स्वात के क्षेत्र कबल और लकी मरूत में हमलों की ज़िम्मेदारियां भी क़बूल कर चुका है लेकिन इनमें कम से कम दो हमले ऐसे हैं जिनमें इस संगठन के मौजूद होने के साक्ष्य नहीं मिले थे.