उत्तर प्रदेश
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच के लिए गठित नई विशेष जांच टीम गठित किया गया. इसमें दो आईपीएस अफसरों को नियुक्त किया गया है. दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर और अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा को सदस्य बनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गठित इस टीम से मामले की निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच की उम्मीद जताई जा रही है.
गौरव ग्रोवर 2013 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं और मूल रूप से पंजाब के बठिंडा के रहने वाले हैं. खास बात यह है कि आईपीएस बनने से पहले उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी. चिकित्सा क्षेत्र से प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर उन्हें अलग पहचान दिलाता है. अयोध्या में तैनाती से पहले वह वर्ष 2022 से 2025 तक गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रहे, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए उनके कार्यों की सराहना हुई. जून 2026 में उन्हें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा सम्मानित किया गया. इसके अलावा उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2020 में सिल्वर, 2022 में गोल्ड और 2024 में प्लेटिनम डिस्क सम्मान भी प्राप्त हो चुका है.
वहीं, अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. पश्चिम बंगाल के मूल निवासी सोमेन वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा असम में हुई, जहां से उन्होंने बीटेक की डिग्री भी प्राप्त की. आईपीएस बनने से पहले वह भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) के तहत ऊर्जा मंत्रालय में कार्यरत रहे. तकनीकी पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें आधुनिक सोच और प्रभावी पुलिसिंग वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है.
सोमेन वर्मा इससे पहले मिर्जापुर और सुल्तानपुर जिले में करीब ढाई वर्षों तक पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं. अपराधियों के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति और सख्त कार्यशैली की व्यापक चर्चा रही है. अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी में उनकी नियुक्ति को जांच की विश्वसनीयता और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.






