यमकेश्वर से भाजपा के संभावित दावेदार हेमंत द्विवेदी बोले—पार्टी का हर आदेश स्वीकार
यमकेश्वर..आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की सियासी तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं.भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी लगातार क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने के साथ जनता के बीच जाकर लगातार संवाद स्थापित कर रहें है.हेमंत द्विवेदी का कहना है कि पार्टी और संगठन उनके लिए सर्वोपरि है.पार्टी नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी उन्हें देगी उसे वह पूरी निष्ठा के साथ स्वीकार करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट को लेकर अंतिम निर्णय भाजपा का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व करेगा और संगठन का हर आदेश उनके लिए सर्वोपरि होगा.
बदरी केदार मन्दिर समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी के लगातार जनसंपर्क और क्षेत्रीय सक्रियता को यमकेश्वर में भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है.उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यमकेश्वर में भाजपा संगठन को मजबूत करना और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है.
यमकेश्वर में स्थानीय असंतोष बना तो बदल सकता है समीकरण
राजनीति में किसी मौजूदा जनप्रतिनिधि के खिलाफ नाराजगी का सबसे बड़ा फायदा उसी पार्टी के दूसरे दावेदार को तब मिलता है, जब वह नाराज कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने में सफल हो.यमकेश्वर में भी यदि मौजूदा विधायक रेनू बिष्ट के खिलाफ असंतोष आने वाले समय में और संगठित राजनीतिक समर्थन में बदलता है, तो भाजपा के भीतर टिकट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है.
हेमंत द्विवेदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह अपने राजनीतिक अनुभव और संगठन में सक्रिय भूमिका को यमकेश्वर के स्थानीय मुद्दों से किस तरह जोड़ते हैं.केवल मौजूदा विधायक के खिलाफ नाराजगी उनके पक्ष में पर्याप्त नहीं होगी.उन्हें स्थानीय कार्यकर्ताओं, युवाओं और क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में अपनी स्वीकार्यता मजबूत करनी होगी.इसी कों देखते हुए हेमंत द्विवेदी पिछले कुछ सालों में यमकेश्वर विधानसभा में हर छोटी बड़ी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए हर संभव प्रयास क़र रहें है.जनता के बीच उनकी बढ़ती स्वीकार्यता इसी बात का प्रमाण है कि वह यमकेश्वर विधानसभा के सभी कार्यक्रमों में नजर आ रहें है.
टिकट का फैसला होगा निर्णायक
यमकेश्वर में भी भाजपा के टिकट का आखिरकार पूरा समीकरण भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और संगठन के निर्णय पर निर्भर करेगा.मौजूदा विधायक रेनू बिष्ट का अपना राजनीतिक आधार है और उनके समर्थक लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं.दूसरी तरफ हेमंत द्विवेदी की यमकेश्वर में बढ़ती सक्रियता पार्टी संगठन में अपने पक्ष में माहौल बनाने में सफल हो रही है जों टिकट की दौड़ में उनका नाम मजबूती के साथ आगे बढ़ा रही है.
फिलहाल यमकेश्वर की राजनीति में ‘नाराजगी बनाम संगठनात्मक पकड़’ का सवाल अहम दिखाई दे रहा है.आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में चल रही चर्चाएं महज राजनीतिक अटकलें हैं या वास्तव में मतदाताओं के बीच बदलाव की इच्छा आकार ले रही है.
यानी साफ है कि रेनू बिष्ट के प्रति जनता की नाराजगी का राजनीतिक लाभ उठाने में हेमंत द्विवेदी कितने सफल हो पाते है यही समीकरण 2027 में यमकेश्वर भाजपा की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगा.





