लैंसडाउन। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होकर देशसेवा के लिए आगे आने के लिए लगातार प्रेरित कर रहा है.रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी के नेतृत्व में युवाओं को सेना में उपलब्ध अवसरों, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.
गढ़वाल राइफल्स का इतिहास 5 मई 1887 से जुड़ा है.रेजिमेंटल सेंटर की स्थापना 1 अक्टूबर 1921 को लैंसडाउन में हुई थी.आजादी के बाद से यह केंद्र हजारों युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देकर देशसेवा के लिए तैयार कर चुका है.
गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने जानकारी देतें हुए बताया कि रेजिमेंट क उद्देश्य केवल सैनिकों को प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना भी है.उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में र्लैसडाउन स्थित केंद्र से भर्ती होने वाले युवाओं को कठोर प्रशिक्षण के माध्यम से सैनिक के रूप में तैयार किया जाता है, जिसमें शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती और हथियार संचालन पर विशेष जोर दिया जाता है।
259 अग्निवीरों ने ली शपथ
हाल ही में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में अग्निवीर बैच-8 की पासिंग आउट परेड आयोजित हुई.इस दौरान 259 अग्निवीरों ने रेजिमेंट की शपथ लेकर भारतीय सेना में कदम रखा. समारोह में कुल 238 अग्निवीरों को डिप्लोमा भी प्रदान किया गया, जबकि 354 अग्निवीर केंद्र से प्रशिक्षण पूरा कर राष्ट्रसेवा के लिए आगे बढ़ने वाले है.
27 बटालियन का गौरवशाली इतिहास
गढ़वाल राइफल्स भारतीय सेना की अत्यंत प्रतिष्ठित और सुसज्जित पैदल सेना रेजिमेंटों में शामिल है.रक्षा मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में रेजिमेंट में 27 बटालियन, जिसमें एक स्काउट्स बटालियन भी शामिल है.गढ़वाल राइफल रेजिमेंट के ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने जानकारी देतें हुए बताया कि रेजिमेंट ने युद्ध और सैन्य अभियानों में अदम्य साहस का परिचय दिया है.इसके वीर सैनिकों को विक्टोरिया क्रॉस, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र और वीर चक्र सहित अनेक वीरता पुरस्कार प्राप्त हुए हैं और यही गौरवशाली परंपरा आज युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है.
पूर्व सैनिक और वीर नारियां रेजिमेंट की विरासत
कमांडेंट विनोद सिंह नेगी ने कहा कि रेजिमेंट के पूर्व सैनिकों, युद्ध वीरांगनाओं और वीर नारियों के योगदान को सम्मान दिया जाता है.मई 2026 में लैंसडाउन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया तथा गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर को राज्यपाल प्रशंसा प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया.उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स का संदेश साफ है—नई पीढ़ी सेना की गौरवशाली परंपरा से जुड़े, देशसेवा को अपना लक्ष्य बनाए और पूर्व सैनिकों तथा वीर नारियों के त्याग एवं बलिदान से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े.





