भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता उजागर-खड़गे का सभा स्थल धोने पर भाजपा पर फायर हुए पूर्व मंत्री नैथानी

देहरादून..कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में हुई सभा के बाद कथित तौर पर सभा स्थल को धोए जाने के मामले ने सियासी रंग ले लिया है.पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता मंत्री प्रसाद नैथानी ने इस घटना को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है.
नैथानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद स्थल को धोना भाजपा की दलित विरोधी और कुंठित मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी नेता की सामाजिक पहचान को लेकर इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता.
पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि सभा स्थल को धोने की जरूरत क्यों पड़ी.उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं समाज में भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देती हैं और उत्तराखंड की सामाजिक समरसता की भावना के खिलाफ हैं.
नैथानी ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दलित समाज आज अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर जागरूक है और ऐसी मानसिकता का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा को राजनीतिक विरोधियों का सम्मान करना सीखना चाहिए. लोकतंत्र में विचारों की लड़ाई होनी चाहिए, किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान को लेकर भेदभाव नहीं.
सभा स्थल धोने की घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सवाल खड़े किए है.

लोकतान्त्रिक देश में वैचारिक मतभेद होते हैं,लेकिन यह घटना बर्दास्त करने योग्य नहीं

पूर्व मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं भाजपा की कुंठित और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती हैं.उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी दलों और नेताओं का सम्मान होना चाहिए तथा राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत द्वेष में नहीं बदलना चाहिए.
नैथानी ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सवालों का जवाब चाहती है, लेकिन भाजपा केवल प्रतीकात्मक और विवादित मुद्दों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं उत्तराखंड की सभ्यता और सौहार्दपूर्ण राजनीतिक परंपरा के अनुरूप नहीं हैं.उन्होंने भाजपा से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने और राजनीतिक शिष्टाचार बनाए रखने की अपील की.
उधर, इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।