अमेरिका भले ही परमाणु बम बनाने से रोकने के लिए ईरान पर हमले कर रहा है लेकिन दुनिया में जिन देशों के पास पहले से ही परमाणु बम हैं वो अपने जखीरे को बिजली की रफ्तार से बढ़ा रहे हैं.दुनिया में 9 देशों के पास परमाणु हथियार हैं और यह सभी देश मिसाइलों और दूसरे डिलीवरी सिस्टम में तैनात परमाणु वॉरहेड्स की संख्या बढ़ा रहें है . कई सालों में यह पहली बार है जब ऐसी बढ़ोतरी हुई है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के इन 9 देशों ने अनुमानित 4,012 वॉरहेड्स मिसाइलों और बॉम्बर बेस पर तैनात कर दिए हैं.
यह जनवरी 2025 के अनुमान की तुलना में तैनात वॉरहेड्स में लगभग 100 की बढ़ोतरी है. यह मुख्य रूप से रूसी परमाणु वॉरहेड तैनाती के नए आकलन और 2025 के दौरान चीन और भारत की नई परमाणु वॉरहेड तैनाती के बारे में SIPRI के आकलन पर आधारित है. सिप्री रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन और भारत ने अपने मिसाइलों और परमाणु बम फेंकने वाले दूसरे हथियारों में न्यूक्लियर वॉरहेड्स की संख्या बढ़ा दी है.यानि भारत ने अपने मिसाइलों में परमाणु बम फिट कर रखे हैं.जबकि पहले भारत ऐसा नहीं करता था.
भारत, चीन और रूस ने बढ़ाई तैनात वॉरहेड्स की संख्या
SIPRI का अनुमान है कि बैलिस्टिक मिसाइलों पर 2100 से 2200 वॉरहेड हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रखे गए थे. इनमें से लगभग सभी अलर्ट वॉरहेड रूस और अमेरिका के थे जबकि फ्रांस और यूके के पास इनकी संख्या कम थी. SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन और भारत ने भी शायद हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर वॉरहेड तैनात करना शुरू कर दिया है.इसलिए परमाणु हथियार वाले नौ देशों में से तीन रूस, चीन और भारत ने अपने तैनात वॉरहेड की संख्या बढ़ाई है.रूस के तैनात परमाणु हथियारों के जखीरे में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी देखी गई.
रूस चीन और भारत नें अपनी मिसाइलों में तैनात किए वॉरहेड
जनवरी 2026 में रूस के पास 1,796 तैनात वॉरहेड थे यह पिछले साल की तुलना में 78 ज्यादा है जब उसके पास 1,718 वॉरहेड थे।
यह 2017 के बाद से रूस का सबसे ज्यादा आंकड़ा है और यह लगातार चौथा साल है जब मॉस्को ने तैनात वॉरहेड की संख्या बढ़ाई है.
रूस के पास कुल मिलाकर लगभग 5,420 न्यूक्लियर वॉरहेड हैं जो दुनिया में सबसे ज्यादा हैं.
इसी तरह भारत ने 2026 में अपनी मिसाइलों में 12 न्यूक्लियर वॉरहेड तैनात कर दिए हैं जबकि 2025 में एक भी नहीं था.
चीन ने भी अपने तैनात वॉरहेड की संख्या 2025 में 24 से बढ़ाकर इस साल 34 कर ली है.
जनवरी 2026 में अनुमानित 12,187 न्यूक्लियर वॉरहेड के कुल ग्लोबल स्टॉक में से लगभग 9,745 संभावित इस्तेमाल के लिए मिलिट्री स्टॉक में थे. यह संख्या SIPRI के जनवरी 2025 के अनुमान से लगभग 130 ज्यादा है.इस बीच पुराने वॉरहेड को धीरे-धीरे हटाने और नष्ट करने की वजह से न्यूक्लियर वॉरहेड की कुल संख्या में कमी आ रही है. फिर भी, पिछले साल दो देशों ने अपने कुल परमाणु हथियारों के भंडार में बढ़ोतरी की.
भारत सहित चीन और रूस अपने परमाणु हथियारों की लगातार बढ़ा रहें है संख्या
चीन के परमाणु हथियारों की संख्या 2025 में 600 वॉरहेड से बढ़कर इस साल 620 हो गई है.
भारत के परमाणु हथियारों की संख्या में भी थोड़ी बढ़ोतरी हुई है. उसने एक साल में 10 नए परमाणु वॉरहेड जोड़े हैं.
SIPRI के अनुसार आने वाले सालों में भारत और चीन दोनों ही अपने परमाणु हथियारों के भंडार को बढ़ाना जारी रखेंगे.
हालांकि 2025 में UK के परमाणु हथियारों के भंडार में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है लेकिन भविष्य में इसके वॉरहेड स्टॉकपाइल के बढ़ने की संभावना है. ऐसा ब्रिटिश सरकार की 2021 की उस घोषणा के आधार पर कहा जा रहा है जिसमें उसने स्टॉकपाइल की अधिकतम सीमा को 225 से बढ़ाकर 260 वॉरहेड करने की बात कही थी। US और रूस के पास मिलकर तैनात वॉरहेड (4,012 में से 3,566) का लगभग 89 प्रतिशत और दुनिया भर के कुल परमाणु हथियारों के भंडार का लगभग 86 प्रतिशत हिस्सा है। संभावित इस्तेमाल के लिए उपलब्ध सैन्य भंडारों में मौजूद वॉरहेड का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं दोनों देशों के पास है।





