उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने इस नेता कों दे सकती है प्रदेश अध्यक्ष की कमान

उत्तराखंड में भाजपा अनुभवी चेहरे पर खेल सकती है बड़ा दांव, 2027 से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद

देहरादून। उत्तराखंड भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कई नामों पर मंथन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है.राजनीतिक गलियारों में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे मजबूत चेहरों में माना जा रहा है.हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक उनके नाम पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है.

अनुभव और संगठन पर पकड़ बनी बड़ी ताकत

निशंक की सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा राजनीतिक अनुभव माना जा रहा है.वह उत्तराखंड के पांचवें मुख्यमंत्री रह चुके हैं और केंद्र में मानव संसाधन विकास मंत्री एवं शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.
उत्तराखंड की राजनीति में उनका संगठनात्मक और जनाधार का अनुभव भी काफी पुराना है. हरिद्वार लोकसभा सीट से उन्होंने 2014 और 2019 में लगातार दो बार जीत दर्ज की. 2019 में उन्हें 6,65,674 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अंबरीश कुमार को 2,58,729 वोटों के अंतर से हराया था.

निशंक का राजनीतिक रिकॉर्ड

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री
उत्तराखंड के पांचवें मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी
2014 में हरिद्वार से लोकसभा सांसद निर्वाचित
2019 में लगातार दूसरी बार हरिद्वार से सांसद
केंद्र में मानव संसाधन विकास मंत्री रहे
बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाली
राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार
उत्तराखंड की राजनीति और संगठन में लंबा अनुभव

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण फैसला

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने और चुनावी रणनीति को बूथ स्तर तक प्रभावी बनाने की चुनौती है.
ऐसे में निशंक जैसे अनुभवी नेता के नाम की चर्चा को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.उनके समर्थक वर्ग का मानना है कि राष्ट्रीय राजनीति और राज्य संगठन—दोनों का अनुभव उन्हें अन्य संभावित दावेदारों से अलग बनाता है.

दिल्ली से देहरादून तक बढ़ी हलचल

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उत्तराखंड संगठन और आगामी चुनावी रणनीति पर लगातार मंथन के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है.हाल में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की उत्तराखंड में बैठकों और चुनावी रणनीति पर चर्चा ने भी संगठन में नई नियुक्तियों को लेकर अटकलों को हवा दी है.
हालांकि अंतिम निर्णय भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा. ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि पार्टी अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताती है या संगठन को नई दिशा देने के लिए किसी नए चेहरे को मौका देती है.