माणा में बर्फ में फंसे 47 मजदूर बचाए गए,8 की तलाश अभी भी ज़ारी,ग्राउंड ज़ीरो पर पहुँचे CM धामी

उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम के समीप स्थित माणा गांव के पास एक ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हुआ है. इस दुर्घटना में सीमा सड़क संगठन (BRO) के ठेकेदार के तहत काम कर रहे 55 मजदूर मलबे में दब गए. अब तक 47 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है जबकि 8 मजदूर अभी भी फंसे हुये हैं. जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा हैं. फिलहाल रेस्क्यू ज़ारी हैं और फंसे हुए मजदूरों कों निकालने का काम युद्ध स्तर पर ज़ारी हैं.मामले में बीते रोज यानि शुक्रवार कों 57 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली थी.सीएम धामी ने जानकारी को अपडेट कराते हुए बताया था कि वहां 57 मजदूर काम कर रहे थे. जिसमें से दो लोग पहले ही छुट्टी जा चुके थे. एवलॉन्च के वक्त वहां 55 मजदूर ही मौजूद थे.जानकारी के मुताबिक, माणा गांव में माणा पास हाईवे पर सड़क सुधारीकरण का काम हो रहा है. ये सभी मजदूर इसी कार्य के लिए यहां मौजूद थे. हादसे के वक्त सभी मजदूर कंटेनर्स के अंदर थे. ये कंटेनर मजदूरों के लिए बनाए गए हैं जो माणा पास एंट्री के पास हैं. भारी बर्फबारी के कारण सभी कंटेनर्स में ही मौजूद थे. मजदूरों के अलावा यहां मशीन ऑपरेटर्स भी हैं. हिमस्खलन होने पर कुछ लोग बाहर की ओर भागे जबकि बाकी अंदर ही फंस गए. घटना की सूचना पर माणा गांव में कैंप कर रहे सेना व ITBP जवान तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुए और रेस्क्यू का कार्य शुरू किया. वहीं, उत्तराखंड के सीएम धामी ने ग्लेशियर टूटने और उसके मलबे में मजदूरों के दबने पर दुख जताया है. उन्होंने भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की कामना की है.

सीएम धामी ने लिया एवलॉन्च रेस्क्यू का अपडेट लिया

घटना के बाद से ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इसकी अपडेट लेते रहें,उन्होंने एवलॉन्च की चपेट में आकर फंसे मजदूरों कों जल्द से जल्द सकुशल बाहर निकालने के लिए खुद मोर्चा सँभालते हुए अधिकारियों कों निर्देश दिए,इस दौरान सीएम धामी कई बार आपदा कंट्रोल रूम पहुँचे और उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की पल पल की कंट्रोल रूम से अपडेट ली.उधर दूसरी ओर पुलिस मुख्यालय की ओर से आईजी निलेश आनंद भरणे ने बताया कि, घटनास्थल के लिए तीन से चार एंबुलेंस भी भेजी गई हैं. हालांकि, पिछले दो-तीन दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के कारण राहत दल को वहां पहुंचने में दिक्कतें हो रही थी.

IG गढ़वाल राजीव स्वरुप भी पूरी घटना के बाद रहें अलर्ट 

माणा गांव के पास ग्लेशियर टूटनें की घटना की सूचना मिलतें ही IG गढ़वाल राजीव स्वरुप भी तत्काल एक्टिव हों गए और उन्होंने बीआरओ के मजदूरों कों ग्लेशियर के मलबे में दबनें की घटना कों बेहद गंभीर बताते हुए सभी मजदूरों कों सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए.IG राजीव स्वरुप नें चमोली ज़िलें के पुलिस अधीक्षक कों जल्द से जल्द सेना और SDRF के साथ संयुक्त अभियान चला कर सभी कों सकुशल बाहर निकालनें के निर्देश दिए.

SDRF प्रमुख रिद्धिम अग्रवाल का बयान आया सामने

बदरीनाथ धाम के पास माणा में हुई एवलॉन्च की घटना के बारे में पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ, रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि माणा गांव, ज़िला चमोली के पास हिमस्खलन की घटना में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) के कुल 57 श्रमिक प्रभावित हुए थे.कमांडेंट BRO के अनुसार, एसडीआरएफ की एक टीम जों जोशीमठ से रवाना हुईं थी वह भी लागातार रेस्क्यू कार्य में लगी हुईं हैं . इस दौरान लामबगड़ में सड़क अवरुद्ध होने के कारण सेना से संपर्क कर मार्ग खोलने की प्रक्रिया कों तेज गति से चलाया गया. दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है.