प्रयागराज,यूपी। उत्तर प्रदेश की प्रमुख हनुमान भक्त संस्थान -‘ज्ञान गुण सागर वाहिनी’ के अध्यक्ष कुश श्रीवास्तव ने कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषणा पत्र में उल्लिखित बजरंग दल के विषय की कठोर निंदा एवं भर्त्सना की और कहा की हनुमान जी के उपासकों के लिए ऐसी दुर्भावना रखना अत्यंत निंदनीय है।
बजरंग बली में वह शक्तियां है जो हर व्यक्ति के जीवन में शक्ति, समृद्धि, ज्ञान, गुण, संयम इत्यादि का संचार करती हैं।
इस विषय पर आगे उल्लेख करते हुए कुश जी ने कहा की इस तरह की विचारधारा को उत्पत्ति देने के किसी भी प्रयास को निरस्त, ध्वस्त करने हेतु ही अब उनकी संस्था ‘ज्ञान गुण सागर वाहिनी’ हनुमान जी की उपासना एवं सत्संग के लिए और बड़ा संकल्प लेती है, जिसका नाम है ज्ञान गुण सागर प्रतियोगिता (तहसील स्तरीय)। ज्ञान गुण सागर प्रतियोगिता (तहसील स्तरीय) को प्रयागराज की ८ तहसीलों से प्रारम्भ करते हुए यह वाहिनी, उत्तर प्रदेश के हर तहसील में लेकर जायेगी।
कुश श्रीवास्तव के अनुसार ‘ज्ञान गुण सागर वाहिनी’ अपने आप में राष्ट्रवाद, आध्यात्म, और संस्कृति का अनूठा संगम है। वाहिनी ने सर्वजन में सत्संग की भावना को पुनर्जागृत करने एवं बच्चों में बजरंगबली के प्रति रुझान बढ़ाने की दृष्टि से प्रतिदिन प्रयास करने का संकल्प उठाया है। इसी दिशा में वर्ष २०२३ में वाहिनी ने प्रयागराज में इस वर्ष ५१ हनुमान चालीसा एकादश पाठ करने का संकल्प लिया है, जिसमें अभी तक ११ कार्यक्रम हो चुके हैं। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में विभिन्न स्थानों के लोग साथ आकर बढ़ चढ़ कर सहभागिता कर रहे हैं।
इन प्रतियोगिताएं को आयोजित करने के पीछे का लक्ष्य बताते हुए कुश श्रीवास्तव ने लिखा कि इससे सत्संग से सुमति आती है और लोगों में एकजुटता बढ़ती है। प्रतियोगिता के माध्यम से हर गाँव में सत्संगियों की टीम का गठन होगा एवं प्रतियोगिता के बाद भी वह समूह सत्संग की प्रथा को आगे बढ़ाएंगे , वाहिनी में सदस्य बनने के लिए लोग संपर्क कर सकते हैं
हमारी वाहिनी इस बात पर कार्य करने बढ़ रही है क्यूंकि आज बच्चों में एवं युवाओं में प्रतियोगिता के माध्यम से एक मनोरंजन होता है और इसके विपरीत इंटरनेट, डिजिटल इत्यादि माध्यमों के कारण तमाम ध्यान भटकाने वाले आकर्षणों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता है। और यदि वाहिनी बच्चों और युवाओं को हनुमान जी के प्रति जागृत करती रहेगी तो हनुमान जी से प्रेरित होकर लोग अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा एवं सद्विचारों का प्रादुर्भाव कर सकते हैं।
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