अंकिता भंडारी हत्याकांड कों लेकर फिर उबाल,दुष्यंत कुमार गौतम के राज्यपाल बनाएं जानें पर देहरादून से लेकर दिल्ली तक विरोध,अंकिता के परिजन गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है.मामले में VIP की पहचान और कथित भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है.अंकिता के परिजनों की ओर से VIP के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिए जाने के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए हैं.उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने अब उत्तराखंड की राजनीति से निकलकर दिल्ली तक हलचल पैदा कर दी है.अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे परिजनों का विरोध प्रदर्शन, दिल्ली में धरने के बाद गिरफ्तारी की खबर और विपक्ष के तीखे बयान इस पूरे प्रकरण को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ले आए हैं.

VIP का सवाल फिर बना सियासत का केंद्र

अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से ही VIP की पहचान को लेकर सवाल उठते रहे हैं.अंकिता के परिजनों द्वारा दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिए जाने के बाद इस विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है.दुष्यंत कुमार गौतम उत्तराखंड में भाजपा के प्रभारी रह चुके हैं और अब उनकी सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है.
विपक्ष की मांग है कि VIP से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच हो और मामले में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य की पड़ताल की जाए.सवाल यह भी है कि अंकिता के परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाने के लिए जांच एजेंसियां कथित VIP की पहचान और भूमिका से जुड़े सवालों पर कितनी स्पष्टता के साथ आगे बढ़ रही है इसका भी खुलासा होना चाहिए.

दिल्ली में धरने पर बैठे अंकिता के परिजन, गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और मामले में VIP से जुड़े सवालों के जवाब मांगने के लिए दिल्ली में इंडिया गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन क़र रहें थे,जिसके बाद गुरुवार सुबह पुलिस ने धरने पर बैठे अंकिता के परिजनों को गिरफ्तार कर लिया.दिवंगत अंकिता के परिजनों की गिरफ्तारी के बाद इस घटनाक्रम ने विरोध की आवाज को और तेज कर दिया है.अंकिता के परिजनों की मांग और उनके प्रदर्शन के तरीके को लेकर बहस के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि न्याय की मांग कर रहे परिवार की बात सुनने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए गए.उधर दूसरी ओर इससे पहले इण्डिया गेट के बाहर दिवंगत अंकिता के लिए न्याय की मांग कों लेकर धराना दे रहें उसके परिजनों से मिलने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी भी पहुँचे थे.राहुल गाँधी नें भी इस दौरान साफ किया कि ज़ब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जाँच कजल रही है तब तक दुष्यंत कुमार गौतम कों राज्यपाल नहीं बनाया जाना चाहिए.

गणेश गोदियाल का भाजपा पर हमला, नियुक्ति को लेकर लगाए गंभीर आरोप

उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है.गोदियाल का आरोप है कि भाजपा उन्हें बचाना चाहती है और इसी उद्देश्य से राज्यपाल बनाया गया है, ताकि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पूछताछ की कार्रवाई से बचा जा सके.
कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है.कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल का कहना है कि अंकिता भंडारी मामले में VIP की पहचान से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक प्रभाव के कारण जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए.

कांग्रेस नेता मंत्री प्रसाद नैथानी बोलें,भाजपा नें किया उत्तराखंड की मातृशक्ति का अपमान

पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने भी इस मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला है.उन्होंने दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति और अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उठ रहे सवालों के संदर्भ में इसे उत्तराखंड की मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है.पूर्व मंत्री नैथानी नें कहा कि , अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे का सवाल है.उन्होने कहा कि मामले में उठने वाले सवालों का जवाब राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई से मिलना चाहिए.