लैंसडाउन के भाजपा विधायक के खिलाफ कांग्रेस नेता धीरेन्द्र प्रताप मुखर,बोलें-पिता की राजनीतिक विरासत डुबो रहें है दिलीप रावत

लैंसडाउन में दिलीप रावत के खिलाफ धीरेन्द्र प्रताप का बड़ा हमला! बोले—पिता की विरासत का नाम डुबो दिया, इस बार भाजपा काट रही टिकट?

लैंसडाउन/कोटद्वार। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच लैंसडाउन की राजनीति में बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है.कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धीरेन्द्र प्रताप ने भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी कार्यशैली, विधायक निधि के इस्तेमाल, ग्रामीणों की सुरक्षा और राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल खड़े किए हैं.उन्होंने यहां तक कह दिया कि महंत दिलीप रावत ने अपने पिता एवं पांच बार विधायक रहे स्वर्गीय भारत सिंह रावत की राजनीतिक विरासत का नाम डुबो दिया है.
धीरेन्द्र प्रताप के इन बयानों ने लैंसडाउन की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.कांग्रेस नेता ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि भाजपा में उनका टिकट कटने की चर्चाएं चल रही हैं.हालांकि, टिकट कटने को लेकर भाजपा की ओर से किसी आधिकारिक फैसले की पुष्टि नहीं हुई है,लेकिन कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नें भाजपा विधायक के टिकट कटने की चर्चाओं कों राजनीतिक गालियारों में चर्चा का विषय बना दिया है.

विधायक निधि में बंदरबांट का आरोप, कांग्रेस ने मांगा जवाब!

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धीरेन्द्र प्रताप ने विधायक महंत दिलीप रावत पर विधायक निधि के कथित बंदरबांट का आरोप लगाया है.उन्होंने विधायक के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को विकास कार्यों और विधायक निधि के इस्तेमाल का हिसाब मिलना चाहिए.धीरेन्द्र प्रताप नें कहा कि विधायक निधि के घपले के कई ऐसे मामले है,जिनको कांग्रेस चुनावों में हथियार बनाएगी.

जंगलों में ग्रामीणों की मौत, विधायक की भूमिका पर उठाए सवाल

लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमलों का मुद्दा उठाते हुए धीरेन्द्र प्रताप ने कहा कि ग्रामीण लगातार वन्यजीवों के हमलों का सामना कर रहे हैं और लोगों की जान जा रही है, लेकिन विधायक तमाशा देख रहे हैं.कांग्रेस नेता ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर विधायक की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में लैंसडाउन विधानसभा में जंगली जानवरों के हमले में दर्जनों लोगों की जानें गई है जिसके लिए सीधे तौर पर भाजपा विधायक ज़िम्मेदार है.उन्होंने कहा कि जनता ने प्रतिनिधि इसलिए चुना है, ताकि संकट के समय उसकी आवाज सुनी जाए और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस प्रयास हों.

कभी कोटद्वार, कभी लैंसडाउन! पत्नी की राजनीतिक दावेदारी पर भी निशाना

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धीरेन्द्र प्रताप ने महंत दिलीप रावत की पत्नी की चुनावी दावेदारी को लेकर भी सवाल उठाए.उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक दिलीप रावत कभी उनकी पत्नी को कोटद्वार से मेयर का चुनाव लड़ाते है तो कभी लैंसडाउन से जिला पंचायत का चुनाव.कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नें कहा कि भाजपा में क्या कोई और काबिल लोग नहीं है जों इस तरह परिवारवाद कों बढ़ावा दिया जा रहा है.कांग्रेस नेता ने इसे भाजपा कार्यकर्ताओं के राजनीतिक अवसरों से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से पार्टी के दूसरे कार्यकर्ताओं के अधिकार प्रभावित होते हैं.धीरेन्द्र प्रताप के इस बयान ने भाजपा के भीतर संभावित दावेदारों और राजनीतिक अवसरों को लेकर इस बहस को और हवा दे दी है.

पांच बार विधायक रहे पिता का नाम डुबोने का आरोप

स्वर्गीय भारत सिंह रावत का उल्लेख करते हुए धीरेन्द्र प्रताप ने कहा कि उनके पुत्र महंत दिलीप रावत को अपने पिता की राजनीतिक विरासत और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए था.कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा विधायक ने अपने कामकाज से उस विरासत को नुकसान पहुंचाया है.धीरेन्द्र प्रताप नें कहा कि स्व.भारत सिंह रावत नें राजनीति में जों मुकाम हासिल किया था उस मुकाम कों उनके पुत्र दिलीप रावत मिट्टी में मिलाने का काम क़र रहें है.

क्या 2027 में भाजपा काटेगी दिलीप रावत का टिकट?

विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन लैंसडाउन सीट पर टिकट को लेकर चर्चाएं और दावेदारी की राजनीति तेज होने लगी है.धीरेन्द्र प्रताप ने दावा किया कि भाजपा इस बार महंत दिलीप रावत का टिकट काट रही है. हालांकि टिकट का फैसला भाजपा का आंतरिक राजनीतिक निर्णय है लेकिन धीरेन्द्र प्रताप के बयान नें फिलहाल भाजपा के अंदर नई बहस तो छेड़ ही दी है कि यदि मौजूदा विधायक दिलीप रावत का भाजपा टिकट काटती है तो फिर पार्टी किसके चेहरेबपर लैंसडाउन विधानसभा में विश्वास जताती है.

धीरेन्द्र प्रताप की चुनौती—जनता करेगी विधायक की विदाई!

भाजपा विधायक पर एक और राजनीतिक हमला करतें हुए धीरेन्द्र प्रताप ने दावा किया कि इस बार लैंसडाउन की जनता महंत दिलीप रावत को विदाई दे देगी.उनके बयान से साफ है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में विधायक के कामकाज और जनता से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाएंगी.कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता के राजनीतिक आरोपों के बाद
अब निगाहें महंत दिलीप रावत और भाजपा की प्रतिक्रिया पर रहेंगी. विधायक निधि, वन्यजीवों के हमलों से ग्रामीणों की सुरक्षा और टिकट की चर्चाओं पर दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही इस राजनीतिक विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.