मां वैष्णो देवी के दरबार पहुँचे श्री बदरी केदार मन्दिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी,उत्तराखंड की सुख-समृद्धि की कामना की

जम्मू। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने नवरात्र के पावन अवसर पर मां वैष्णो देवी के दर्शन कर उत्तराखंड की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.हेमंत द्विवेदी हर वर्ष नवरात्र के दौरान मां वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचकर माता का आशीर्वाद लेते हैं.
मां वैष्णो देवी के दर्शन के साथ ही हेमंत द्विवेदी ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया.इस दौरान उन्होंने मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से भक्तों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, दर्शन व्यवस्था और यात्रा प्रबंधन की जानकारी ली.

श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर किया विचार-विमर्श

हेमंत द्विवेदी ने मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के पदाधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए यह समझने का प्रयास किया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किस प्रकार की व्यवस्थाएं अपनाई जा रही हैं.उन्होंने इन व्यवस्थाओं के अनुभवों के आधार पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में भी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया.
उत्तराखंड के चारधामों में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.ऐसे में यात्रियों की सुविधा, सुगम दर्शन, बेहतर प्रबंधन और व्यवस्थित यात्रा व्यवस्था महत्वपूर्ण विषय हैं.मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं का अध्ययन बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उपयोगी हो सकता है.इस दौरान श्री बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी नें कहा कि श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ में बीकेटीसी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों की जों व्यवस्था बनाई गई है उसे और बेहतर और सुगम बनाया जा रहा है,उन्होंने कहा कि जितने भी श्रद्धालु मन्दिर पहुंच रहें है उन सभी कों आसानी से बाबा केदार और भगवान बद्री विशाल के दर्शन हों इसके लिए मंदिर समिति रात दिन काम क़र रही है.

उत्तराखंड की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद

मां वैष्णो देवी के दरबार में हेमंत द्विवेदी ने उत्तराखंड की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की. धार्मिक आस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर उनका यह दौरा बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के प्रयासों से भी जुड़ा रहा.